विभिन्न टीवी चैनल्स पर लोनावाला के एक बंगले मे 22 रसूखधारी बडे कस्टम अधिकारियों के पर शराब, कबाब और सैक्स पार्टी पर छापे की कार्यवाही की जीवंत प्रस्तुतियां देखकर तो एकबारगी दिल ही दहल उठा, और फिर सोचने को मजबूर होना पडा कि जिन लोगो के हाथों मे हमारी नित नियमित जिन्दगी की बागडोर सौंप रखी है वो इस तरह के व्याभचारी है जिनमे न कोई शर्म है, न कोई नैतिक दायित्व। शराब के नशे मे बेसुध हुए इन अधिकारियों की ऑंखो मे न ही कोई शर्म थी ना ही कोई परवाह क्योंकि उन्हे पता है उनका कुछ नही बिगडना, जिसका एक उदाहरण ३६ घंटे बीत जाने के बाद भी किसी को संस्पेंड तक नही किया तो फिर तो भगवान ही बचायेगा अपने देश को