विधानसभा ने भाजपा के सचेतक राजेन्द्र राठौड़ और विधायक हनुमान बेनीवाल का निलंबन अब समाप्त कर दिया है। इसी के साथ सदन में तीन—चार दिन से चल रहा गतिरोध सोमवार को समाप्त हो गया। इससे पहले विपक्ष की ओर से उप नेता घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि विपक्ष भी गृहमंत्री के खिलाफ पेश निंदा प्रस्ताव पर जोर नहीं देगा। सत्तापक्ष भी भाजपा के दोनों सदस्यों का निलंबन समाप्त करे।बेनीवाल को संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल से आक्रामक भाषा में बात करने और बेवजह आरोप लगाने के कारण 17 मार्च को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके अगले दिन सदन में अव्यवस्था फैलाने, दूसरे सदस्यों को उकसाने और बिना अनुमति बोलने के कारण भाजपा के सचेतक राजेन्द्र राठौड़ को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सदन में विपक्ष ने अनशन शुरू कर दिया था।इससे पहले सदन में गतिरोध दूर करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विपक्ष में उप नेता घनश्याम तिवाड़ी ने विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्रसिंह शेखावत से सुबह 9 बजे उनके कक्ष में चर्चा की थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को ही गतिरोध दूर करने के लिए विधानसभा भवन आकर विपक्ष का अनशन समाप्त करवा दिया था। मुख्यमंत्री ने भाजपा को दोनों सदस्यों की बहाली का आश्वासन भी दिया था।सत्तापक्ष ने रखा निलंबन समाप्ति का प्रस्ताव : सरकारी मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने राठौड़ और बेनीवाल का निलंबन समाप्त करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव में कहा गया था कि दोनों ही सदस्यों के अब तक के निलंबन को पर्याप्त मानते हुए भविष्य के लिए निलंबन को अब समाप्त कर दिया जाए। इस पर निलंबन समाप्ति का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।