श्रीगंगानगर, २२ अगस्त/ वाणिज्यक कर आयुक्त श्री प्रेम सिंह मेहरा ने कहा कि ईमानदारी से टेक्स चुकाने पर व्यापारी को जो आत्मिक शान्ति मिलती है वह शान्ति टेक्स चोरी करने में नही मिल सकती है। कर के रूप में प्राप्त राशि आमजनता की सुविधाओं तथा प्रदेश के विकास में ही खर्च की जाती है।
श्री मेहरा बुधवार को कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिले के व्यापारिक संगठनो तथा व्यापारियो की बैठक में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि व्यापारियो की जो वाणिज्य कर की समसयाऐ है, उनका हल निकाला जायेगा। राज्य स्तर पर विभिन्न समस्याओ ंको रखा जायेगा तथा जो उचित रास्ता निकलेगा वह व्यापारियो के हित में होगा।
श्री मेहरा ने कहा कि कुछ व्यापारी या कुछ व्यक्ति व्यापार के धंधे की आढ में गैर कानूनी कार्य करते है, इससे सम्पूर्ण व्यापार जगत की बदनामी होती है। सुनने में आया है कि कुछ लोग बिल बेचने का कार्य करते है, जो अनुचित है। व्यापारिक संगठनो को ऐसे लोगो से एलर्ट रहना चाहिये तथा इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को देवे।
श्री मेहरा ने कहा कि वैट व सी.एस.टी. के अन्तर का रिफण्ड के संबंध में आवश्यक समाधान निकाला जायेगा। डीजन-पेट्रोल की दरे पंजाब के बराबर करने के संबंध में श्री मेहरा ने बताया कि एक ही प्रदेश में दो तरह के कर निर्धारण नही किये जा सकते है।
श्री मेहरा ने व्यापारियों को आगाहा किया है कि दूसरे राज्यो से नकली सी. फार्म के सन्दर्भ में व्यापारी सचेत रहे। उन्होने कहा कि सी.एस.टी. के लिये भारत सरकार ने वैबसाईट तैयार कर रखी है, जिससे सी. फार्म के नम्बर चढे हो होते है। कोई भी व्यापारी उक्त वेबसाईट से अपने सी. फार्म के वैरीफिकेशन कर सकते है। उन्होने कहा कि गलत कार्य लम्बे समय तक नही चला करते है गलत चीज हमेशा गलत ही रहती है।
जिला कलक्टर श्री भवानी देथा ने बताया कि वाणिज्यक कर के सभी कार्यालय एक छत के नीचे लाने के लिये जगह की तलाश की जा रही है तथा इस संबध में नगर विकास न्यास से भी बातचीत की गयी है। इस संबंध में पूरा प्रयास किया जायेगा कि सभी अधिकारी एक जगह बैठे जिससे कि व्यापारियो को अनावश्यक परेशानी न हो।
बैठक के दौरान पेट्रोल-डीजल के विक्रेताओं ने सुझाव दिये कि पी.ओ.एल. की दरे पंजाब के समान की जाये। उनका सझाव था कि पूरे देश में एम.आर.पी. एक होना चाहिये। सरसो तैल एशोसिएशन की ओर से सरसो पर कर २ प्रतिश्त करने का सुझाव दिया। एक अन्य व्यापारी ने सुझाव दिया कि सभी तैल मिलो को एक समान छूट दी जाये।
ईट भट्टा एशोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रेम अग्रवाल ने ईंट उद्योग को खादी में शामिल करने तथा खादी के अनुसार छूट देने का सुझाव दिया। श्री मेहरा ने ईंट भट्टा एशोसिएशन को आशवश्त किया कि यह प्रकरण राज्य स्तर पर चल रहा है। उचित समाधान का प्रयास किया जा रहा है। बिनोला खल को १ प्रतिशत कर के दायरे में लाने का सुझाव दिया गया। कपडा व्यापारियो ने एन्ट्री टेक्स की समस्या बतायी तथा बिजली व्यापारियो ने कुलर व पंखो पर लगनने वाला टेक्स पंजाब के बराबर करने का सुझाव दिया। गुड एशोसिएशन की ओर से सुझाव दिया गया कि गुड को कर मुक्त किया जाये।
परचून एशोसिएशन की ओर से सुझाव आया कि टेक्स क्वाटरली लिया जाये तथा रिटर्न ली जाये जयपुर से आये वाणिज्यक कर अधिकारियो ने इनकी शंका का समाधान किया तथा बताया कि सरकार द्वारा परचून व्यापारियो के लिये ऐसी ही व्यवस्था की गयी है। एक व्यापारी द्वारा लालटेन व मिट्टी के तैल से उपयोग होने वाले स्टोप को कर मुक्त करने का सुझाव दिया। व्यापारी का कहना था कि ये दोनो वस्तुऐं गरीब लोगो के काम आती है।
आयोजित बैठक में जिले के व्यापारियो ने अपन-अपनी समस्याऐ तथा सुझाव आयुक्त श्री मेहरा के सामने रखे।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त जयपुर श्री रामकरण सिंह, अतिरिक्त कमिशनर श्री डी.सी. त्रिपाटी, उपायुक्त श्री एच.एल. पाण्डे, सेल टेक्स उपायुक्त श्री हरफूल सिंह, व्यापारिक संगठनो से श्री एस.पी. बहल तथा श्री कृश्ण मील, श्री प्रेम अग्रवाल तथा खण्डेलिया सहित जिले के उद्यमियो व व्यापारियो ने भाग लिया।