बीकानेर। संभाग के सबसे बडे अस्पताल पीबीएम की दुर्दशा से ऐसा प्रतीत नहीं होता कि यह संभाग की सबसे बडी अस्पताल है जहां अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुविधार्थ बडे बडे दावे कर रहा है वहीं दूसरी ओर अस्पताल के हालात यह हैं कि आपातकालीन सेवा में मरीजों को ले जाने के लिए स्ट्रक्चर तक उपलब्ध नहीं हो पाता जिससे कि सडक हादसों में आने वाले मरीजों को ले जाने के लिए समाजसेवी व स्वयंसेवी संगठनों व सुरक्षा प्रहरियों का सहारा लेना पडता है कभी कभी तो स्ट्रक्चर के अभाव में मरीजों की मृत्यु तक हो जाती है लेकिन देखने में यह आता है कि हादसे में घायल मरीज एम्बुलेंस में ही तडफता रहता है लेकिन उसे उपचार के लिए ले जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध न होने के कारण परिजनों को काफी परेशानी उठानी पडती है जबकि पीबीएम प्रशासन की व्यवस्था न होने का खमियाजा मरीजों के परिजनों को उठाना पडता है। अस्पताल प्रशासन को इस बारे में समाजसेवियों द्वारा अवगत करवा दिया गया है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लेकिन आज भी आने वाले गंभीर रोगियों को स्ट्रक्चर के अभाव में सही समय पर उपचार नहीं हो पाता। संभाग के सबसे बडे अस्पताल जहां पर दिन में सैकडों मरीज आते हैं वहीं अगर यह हालात रहे तो दूसरे अस्पतालों का तो हाल क्या होगा।