पुलिस महानिरीक्षक जौहरी ने किया सीएलजी सदस्यों से संवाद सूचना 22 Dec
2007, 1924 Hrs
स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो के पुलिस महानिरीक्षक सुधाकर जौहरी ने कहा है कि साधन संपन्न होने के बावजूद अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस के सूचना तंत्र को सुदृढ़ करना आवश्यक है
डूंगरपुर ख्ख् दिसंबर/ स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो के पुलिस महानिरीक्षक सुधाकर जौहरी ने कहा है कि साधन संपन्न होने के बावजूद अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस के सूचना तंत्र को सुदृढ़ करना आवश्यक है और यह कार्य समाज से सीधे तौर पर जुड़े सीएलजी सदस्यों के सहयोग के बिना संभव नहीं है।
जौहरी शनिवार को डूंगरपुर जिले की एकदिवसीय यात्रा के तहत स्थानीय सदर थाने में आयोजित एक बैठक में सीएलजी सदस्यों से संवाद कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य जनता और पुलिस के मध्य संवाद सेतु का कार्य करते हैं और इनके कारण ही जनता से पुलिस का तथा पुलिस का जनता से दो तरफा संवाद संभव होता है। उन्होंने इस संवाद से पुलिस को ज्यादा लाभ होने के तथ्य को उद्घाटित करते हुए सदस्यों से आह्वान किया कि प्रबुद्धजन पुलिस की इस योजना से जुड़े और अपराधों की त्वरित रोकथाम में सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में स्टाफ और अन्य सूचना संसाधनों की कमी प्रत्येक राज्य में है तथापि राजस्थान में विभाग उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए प्रयास कर रहा है।
बैठक के आरंभ में जिला पुलिस अधीक्षक विजेन्द्र झाला ने पुलिस महानिरीक्षक जौहरी का स्वागत करते हुए कम्युनिटी लाईज़न गु्रप गठित करने के पीछे छिपी मूल अवधारणा को मुखरित किया और समग्र हित में सीएलजी सदस्यों की भूमिका को उजागर किया।
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुलश्रेष्ठ, पुलिस उपाधीक्षक कैलाशदान जुगतावत, थानाधिकारी बंशीलाल और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के अंत में आभार प्रदर्शन की रस्म अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुलश्रेष्ठ ने अदा की। सदस्यों से हुआ संवाद पुलिस महानिरीक्षक जौहरी ने बैठक में मौजूद सीएलजी सदस्यों से खुलकर संवाद किया और उनके विचार आमत्रिंत किए। संवाद दौरान सीएलजी सदस्य हंसमुख नागदा, विनोद दोशी आदि ने सदस्यों को परिचय पत्र देने, पुलिस स्टाफ में बढ़ोत्तरी करन, पुलिस को सूचना संसाधनों से सुदृढ़ करने और पुलिस को अपेक्षित अवकाश प्रदान करने का सुझाव दिया तो पंकज चौहान ने थानों पर लेडी काउंसलर को नियुक्त करने की सलाह दी। इसी प्रकार डाईट उप प्रधानाचार्य मीनाक्षी जोशी ने पुलिस से आम जनता की दूरी को पाटने के लिए सीएलजी गठन की प्रक्रिया को पुलिस की समाज के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक बताया। इस दौरान प्रवीण श्रीमाल, आशुतोष जोशी, रमा कंसारा व अन्य सदस्यों ने भी विचार व्यक्त किए। विभाग की अपेक्षाएं पुलिस महानिरीक्षक जौहरी ने सीएलजी सदस्यों से पुलिस विभाग की अपेक्षाओं के बारे में बताते हुए कहा कि बिना किसी खर्च के पुलिस विभाग को सूचना प्रदान कर सदस्य सामाजिक शातिं बनाने और अपराधों को रोकने में सहयोग प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने सदस्यों को क्षेत्र में सदिंग्ध व्यक्ति और उसकी गतिविधियों के बारे में सूचना देने के साथ ही संभावित दुर्घटना, अफवाहों के खण्डन, पुलिस की कार्यशैली के संबंध में सुझाव देकर विभागीय अपेक्षाओं को पूर्ण करने का आग्रह किया। भ्रान्त धारणा को तोड़े बैठक को संबोधित करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक विजेन्द्र झाला ने कहा कि पुलिस के विषय में आम जनमानस में व्याप्त भ्रान्त धारणाओं को तोड़ने में भी सीएलजी सदस्य कारगर साबित हो सकते हैं। उन्होंने सूचना देने पर कानून के भंवर में आने से घबराने वाले लोगों को सामाजिक हित में कानून सम्मत प्रक्रियाओं का सामना करने योग्य बनाने में जनप्रतिनिधियों को आगे आने का आह्वान भी किया।