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राघवन ने किया डूंगरपुर का भ्रमण नैसर्गिक सुषमा ने मन मोहा

22 Dec 2007, 1924 Hrs
केन्द्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एन. डी. राघवन ने आज डूंगरपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। राघवन ने डूंगरपुर के नैसर्गिक सौन्दर्य एवं पर्यावरणीय परिवेश की प्रशंसा की और इसे श्रेष्ठ बताया।
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डूंगरपुर के उदयविलास पेलेस में एक थिम्बया महल को देखते केन्द्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एन. डी. राघवन। डूंगरपुर  दिसंबर/केन्द्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एन. डी. राघवन ने आज डूंगरपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। राघवन ने डूंगरपुर के नैसर्गिक सौन्दर्य एवं पर्यावरणीय परिवेश की प्रशंसा की और इसे श्रेष्ठ बताया।
 आज प्रात: अपनी पत्नी मालती राघवन के साथ यहां पहुंचे राघवन ने शहर के बीच स्थित विख्यात वैष्णव धाम श्रीनाथ जी मन्दिर पर पूजा अर्चना की। राघवन दम्पति ने मदिंर के गर्भगृह में स्थापित श्रीनाथ जी के मनोहारी स्वरूप के दर्शन किए। उन्होंने मदिंर परिसर में स्थित समस्त देवालयों के दर्शन किए। उन्होंने इन मदिंरों में स्थापित कृष्ण प्रस्तर से निर्मित मूर्तियों की कारीगरी से प्रभावित होकर इसे तक्षण कला का एक अनुपम उदाहरण बताया।
इसके बाद राघवन दम्पति डूंगरपुर के राजप्रासाद उदयविलास पेलेस पहुंचे जहां उन्होंने पेलेस के विभिन्न भागों का अवलोकन किया। राघवन दम्पति ने महल के बैठक कक्ष, शाही डाइनिंग हॉल एवं ट्राफियों के अद्भुत संग्रह का भी अवलोकन किया और इस संग्रह को अनूठा बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने महल के बीच स्थित पारेवा पत्थर से निर्मित स्थापत्य कला के विशिष्ट उदाहरण एक थिम्बया महल को देख वाग़ड के शिल्पकारों की कारीगरी को नायाब बताया। 
राघवन ने महल से शहर की गेपसागर झील के सुन्दर दृश्य को निहारा और गेपसागर में नौकाविहार किया। राघवन दम्पति ने राजराजेश्वर मदिंर के दर्शन भी किए। इस मौके पर उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खराड़ी, शातिंलाल, फूलशंकर डामोर आदि मौजूद थे।



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