राज्य के अठारह औद्योगिक संस्थानों का चयन
22 Dec
2007, 1612 Hrs देशभर म एक हजार ३९६ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को क्रमोन्नत करने की केन्द्र सरकार की योजना के अन्तर्गत राज्य के १८ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है।
जयपुर, २२ दिसम्बर। देशभर म एक हजार ३९६ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को क्रमोन्नत करने की केन्द्र सरकार की योजना के अन्तर्गत राज्य के १८ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है। प्रत्येक चयनित संस्थान को संसाधनों के विकास के लिए २.५ करोड रुपए तक का ऋण विश्व बैंक द्वारा दिया जायेगा।
तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में शनिवार को यहां शासन सचिवालय के मंत्रलय भवन में राजकीय आई.टी.आई. का सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से क्रमोन्नयन संबंधी बैठक में यह जानकारी दी गई। राज्य सरकार एवं प्रबन्धन समितियों के मध्य सहमति (एम.ओ.ए.) हुई। प्रो. देवनानी की उपस्थिति में राज्य सरकार की ओर से प्रमुख शासन सचिव तकनीकी शिक्षा श्री जी.एस.सन्धू एवं संस्थानों की ओर से प्रबंधन समिति के अध्यक्षों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये।
बैठक म बताया गया कि चयनित आई.टी.आई. संस्थानों के प्रबंधन के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता की दृष्टि से उद्योग सहभागी का चयन कर ११ सदस्यीय संस्थान प्रबन्धन समिति का गठन कर लिया गया है।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री ने आई.टी.आई. को तकनीकी शिक्षा की नींव बताते हुए प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढाने के लिए उद्योग सहभागियों से संस्थानों को हरसंभव सहायता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के इस युग में नई-नई तकनीक आ रही है ऐसे में उद्योग जगत की मांग के अनुरूप प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का छात्र मूल रूप से मेहनती एवं बुद्धिमान हैं उसे अवसर प्रदान कर उसकी प्रतिभा को निखारें जिससे वह अपने क्षेत्र म परिपूर्ण बन सकें। उन्होंने संस्थानों से कहा कि वे प्रशिक्षणार्थियों में तीन ‘पी‘ - ‘पाजिटिव‘, ‘पेशेंस‘ एवं ‘परफेक्ट‘ गुणों के विकास पर ध्यान दें।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव तकनीकी शिक्षण श्री जी.एस.संधू ने कहा कि हमारे देश म युवाओं म कार्य करने की क्षमता बहुत है। जरूरत इस बात की है कि बच्चों को गुणवत्तायुक्त एवं बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिये जाएं।
बैठक में चयनित प्रशिक्षण संस्थानों के संस्था प्रधान, उद्योग सहभागी, सी.आई.आई. एवं फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे।
अन्त में तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री ए.के. आनन्द ने धन्यवाद ज्ञापित किया।