नई दिल्ली, २३ जुलाई २००७ राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा है कि कल तक बीमारू प्रदेश माने जाने वाला राजस्थान अब देश के अग्रणी प्रांतों की पंक्ति में खडा होने को तैयार है। उन्होंने कहा कि राजस्थान शीघ्र ही बिजली के उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा और तब प्रदेश केा किसी के सामने झोली फैलाने की जरूरत नहीं होगी। श्रीमती राजे सोमवार को हरियाणा के रोहतक जिलें में श्री बाबा मस्तनाथ कालेज ऑफ फिजियोथैरेपी की आधारशिला रखने के बाद बडी संख्या में मौजूद लोगों को औैर विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थी। ढाई करोड रूपये की लागत वाले इस कालेज के बन जाने पर श्री बाबा मस्तनाथ संस्थान में एक और तकनीकी शिक्षा केन्द्र जुड जाएगा। मुख्यमंत्री ने बहरोड राजस्थान के विधायक और श्री बाबा मस्तनाथ संस्थान के प्रमुख महंत चॉदनाथ द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान को सराहा और हनुमानगढ राजस्थान में उनके चलाए जा रहे चिकित्सालय के लिए बधाई दी। श्रीमती राजे ने कहा कि देश और प्रदेश का विकास तभी संभव है जब हम सब मिलकर मानव सेवा के कार्य में जुटे और शिक्षा को पहली आवश्यकता बनाएं। उन्होंने बताया कि राजस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उॅची छलांग लगाई है और विकास के साथ-साथ बच्चों की तंदरूस्ती पर विशेष ध्यान रखते हुए आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए हर रोज खाने का नया मीनू तय करते हुए मिड-डे-मिल कार्यक्रम को नया आयाम दिया है। राजस्थान में पिछले साढे तीन साल में हुए विकास की चर्चा करते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि एक समय था जब बिजली, अच्छी सडकों आदि के लिए हम अपने पडोसी प्रदेशों की ओर टक-टकी लगाए देखते थे लेकिन अब समय ने करवट ली है और राजस्थान अब अच्छी सडकों, पर्यटन, विद्युत विकास आदि के लिए देश में अग्रणी प्रांत बन कर उभर रहा है। प्रदेश में कुछ समय बाद एक साथ १३ ताप बिजली घर खडे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम विकास के रास्ते पर चल पडे हैं और यह कदम राजस्थान को विकसित प्रदेश बनाने तक अथक चलते रहेंगे। प्रदेश में उद्योग-धंधों और निवेश में हो रही बढोतरी से हमारा उत्साह बढा है और यह खुशी का विषय है कि प्रदेश के पढे-लिखे युवक राज्य के उद्योग-धंधों में ही रोजगार के अवसर पा रहें हैं। श्रीमती राजे ने प्रदेश के विकास की तस्वीर खींचते हुए कहा कि मैं तो आपको छोटी सी ट्रेलर ही दिखा रही ह। देश का सबसे बडा प्रदेश होने के कारण राजस्थान के सामने विकास की चुनौतियां भी कम नहीं हैं लेकिन अपने गौरवमयी इतिहास, कला, और संस्कृति के लिए जाने वाले राजस्थान के स्वाभीमानी लोगों की लगन, उर्जा और अथक परिश्रम के कारण हम अपने पैरों पर खडे होने के प्रयासों में जुटे हुए है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कालेज परिसर में एक पौधा लगाया और कालेज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं, अध्यापकों, शोधकर्ताओं आदि को पुरस्कार सम्मान और छात्रवृति प्रदान की। उन्होने इस अवसर पर एक स्मारिका और दो पुस्तकों का लोकापर्ण किया। प्रारंभ मं संस्था की ओर से महंत श्री चांद नाथ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेट किये।