डूंगरपुर २३ जुलाई/ जिला प्रमुख ताराचंद भगोरा ने कहा है कि जनजाति अंचल में शैक्षिक विकास के लिए शैक्षिक चेतना के अग्रदूत वागड गांधी श्री भोगीलाल पण्ड्या की विचारधारा का अनुकरण बेहद आवश्यक है और इस कार्य के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए। भगोरा सोमवार को स्थानीय गांधी आश्रम परिसर में स्थित श्री भोगीलाल पण्ड्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में नवनिर्मित कक्षा-कक्ष के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि व्यक्तित्व निर्माण के लिए शैक्षिक विकास आवश्यक होता है ऐसे में आरंभिक स्तर पर ही गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी को वे पूरी गंभीरता से निभावें। उन्होंने राजस्थान सेवा संघ द्वारा संचालित विद्यालय के जिले भर को अपना कार्यक्षेत्र बनाने की जरूरत जताई और कहा कि संघ के माध्यम से जनजाति अंचल के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पंचायत समिति मुख्यालयों पर आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाए। समारोह को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त कृषि उपनिदेशक महेश मेहता ने कहा कि शिक्षा ही सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और शिक्षा के सार्वजनिकरण के लिए शिक्षा जगत से जुडे अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों व आमजनों को गंभीर प्रयास करने होंगे। उन्होंने इस कार्य को एक अभियान रूप में चलाने की आवश्यकता भी जताई। आरंभ में राजस्थान सेवा संघ के शिवचरण गोयनका ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि विद्यालय में गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने विद्यालय के जिले में विस्तार और छात्रावास प्रारंभ करने की योजना के बारे में भी बताया । इससे पूर्व जिला प्रमुख भगोरा ने नवनिर्मित कक्षा कक्ष का फीता काटकर लोकार्पण किया । उन्होंने कक्ष में स्थापित कम्प्यूटर की पूजा-अर्चना भी की और कहा कि कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान कर नौनिहालों को वर्तमान युग के अनुरूप तैयार किया जाना आवश्यक ही नहीं अपितु अपरिहार्य है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करने के लिए तैयार की गई योजना से भी अवगत कराया। इस अवसर पर शिक्षाविद् लक्ष्मीशंकर शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र उपाध्याय, सामाजिक कार्यकर्त्ता सुखदेव यादव, दिपक जैन समेत विद्यालय परिवार मौजूद था। समारोह का संचालन कनुभाई उपाध्याय ने किया आभार प्रदर्शन शिवचरण गोयनका ने किया।