जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि चड्ढा कमीशन की सिफारिशों पर विचार करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के अध्यापकों को संशोधित वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।
डॉ. सिंह प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा इस वर्ष बजट में चड्ढा कमीशन की सिफारिशों पर विचार करने के लिए एक पांच सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की गई थी, जिसे दो माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। उन्होंने बताया कि इस समिति का गठन कर दिया गया है। समिति में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रमुख शासन सचिव, उच्च शिक्षा, विशिष्ट शासन सचिव वित्त एवं उप सचिव उच्च शिक्षा को शामिल किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय, महाविद्यालय शिक्षकों को संशोधित वेतनमान देने के लिए पांच वर्षों तक 80 प्रतिशत राशि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दी जाएगी, जबकि 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार देगी। उन्होंने जानकारी दी कि इसके अनुसार राज्य सरकार पर करीब 129 करोड रुपए का वित्तीय भार पडेगा, जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा करीब 400-500 करोड रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. सिंह ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय शिक्षकों को संशोधित वेतनमान देने के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने स्मरण कराया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की पूर्ववर्ती सरकार ने ही वर्ष 1999 में शिक्षकों के लिए पांचवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों के 61 पदों पर साक्षात्कार की प्रक्रिया आयोजित की गई थी, लेकिन इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति एवं अन्य पिछडा वर्ग का बैकलॉग भरने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गईर्। इसलिए इस प्रक्रिया को रोक दिया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन पदों की भर्ती के लिए राज्य सरकार अतिशीघ्र कार्यवाही करेगी।
इससे पहले विधायक श्री राजेन्द्र राठौड एवं डॉ. दिगम्बर सिंह के मूल प्रश्न के उत्तर में उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि 8 जुलाई 2009 को मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत परिवर्तित बजट 2009-10 में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों को रिवाईज्ड पे स्केल के सम्बन्ध में चड्ढा समिति की सिफारिशों पर विचार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक समिति का गठन किया गया है। आगामी दो माह में समिति से रिपोर्ट प्राप्त कर रिवाइज्ड पे स्केल लागू की जाएगी।