बांसवाडा। बांसवाडा से 14 किलोमीटर दूर तलवाडा के ऐतिहासिक एवं प्राचीन सिद्धि विनायक तीर्थ पर गणेश चतुर्थी के उपलक्ष में गणेश जन्मोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मन्दिर परिसर में भगवान गणेशजी का झूला लगाया गया। श्रद्धालुओं ने बडी ही श्रद्धा के साथ भगवान को झूला झुलाया। राजस्थान में संभवतः यह पहला मन्दिर है जिसमें गणेश जन्मोत्सव के सारे विधि-विधान पूरे किये जाने के साथ ही झूला लगाया गया है। आम तौर पर भगवान श्रीकृष्ण के झूले लगते हैं तथा जन्माष्टमी पर भगवान को झूला झुलाया जाता है। लेकिन बांसवाडा जिले के तलवाडा कस्बे में ऐतिहासिक एवं प्राचीन महत्व के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक मन्दिर पर भगवान गणेशजी का जन्मोत्सव इसी तर्ज पर मनाया गया। यहां गणेश जन्मोत्सव के उपलक्ष में मन्दिर परिसर में झूला बंधा और जो भी श्रद्धालु आया उसने बडे लाड-प्यार से बाल स्वरूप भगवान गणेश को झुला कर अपने आपको धन्य माना। भगवान गणेशजी का झूला लगाने की परम्परा दो वर्ष पूर्व शुरू हुई थी। रविवार को दिन में 12 बजे जन्मोत्सव के बाद काष्ठ निर्मित इस आकर्षक झूले में भगवान मंगलमूर्ति गणेश की पीतल की बाल स्वरूप प्रतिमा रखी गई। पीतल की इस प्रतिमा को स्वामी अवधेशानंद महाराज ने भेंट की थी। गणेश चतुर्थी को जन्मोत्सव के अन्तर्गत इसे रजत आभूषणों से श्रृंगारित किया गया और पूरे विधि-विधान से जन्मोत्सव अनुष्ठान किए गए।