बांसवाडा। समूचे वागड अंचल में रविवार को गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और विश्वास के साथ भक्तिभाव भरे पारंपरिक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर बांसवाडा और डूंगरपुर दोनों जिलों में गणेश मन्दिरों पर सैलाब उमडता रहा। आज ही से वागड अंचल भर में हजारों गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही गणेशोत्सव की धूम भी शुरू हुई। दोनों जिलों में लोगों ने अपने घरों, प्रतिष्ठानों और मन्दिरों में मंगलमूर्ति भगवान गणेशजी की पूजा-अर्चना की और गणपति अथर्वशीर्ष, गणपति सहस्र नामावली, संकष्टनाशन स्तोत्रा, गजेन्द्र मोक्ष आदि के साथ गणपति अनुष्ठान किए और जीवन में बहुविध मंगल की कामना की। गणपति उपासकों ने दुर्वा, गुड, मोदक, लाल पुष्पों आदि से गणेश सहस्रनाम व अथर्वशीर्ष से अभिषेक किया। बांसवाडा से 14 किलोमीटर दूर तलवाडा में आमलिया गणेश के नाम से प्रसिद्ध 10वीं सदी के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक तीर्थ पर विशाल मेला भरा। गणेश चतुर्थी के मेले में हजारों विनायक भक्तों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ प्राचीन आमलिया दादा के दर्शन किए और मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की। सिद्धि विनायक तीर्थ पर दिन भर गणेशोत्सव के आयोजनों में श्रद्धालुओं का जमघट लगा रहा। यहां मोदक समर्पित करते हुए गणेश अनुष्ठान चलते रहे। सिद्धि विनायक तीर्थ तलवाडा पर गणेश चतुर्थी के अनुष्ठान रविवार को भोर से ही आरंभ हुए। इसके अन्तर्गत ब्रह्म मुहूर्त में भगवान गजानन का मस्तकाभिषेक हुआ तथा षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना हुई।