डूंगरपुर २३ नवंबर/केन्द्रीय बाल श्रमिक सलाहकार बोर्ड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री ज्योति सेठिया ने कहा है कि बाल श्रमिक परियोजना बाल श्रमिकों को पढने, लिखने व खेलने की स्वतंत्रता दिलाने तथा छिने गए बचपन को लौटाने का जरिया है।
सुश्री सेठिया शुक्रवार को स्थानीय जिला परिषद सभागार में स्थानीय मीडियाकर्मियों से संवाद कर रही थी।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि हर बाल श्रमिक को शिक्षा प्रदान कर समाज की मूल धारा में लाने के लिए देशभर में बाल श्रमिक परियोजना का संचालन किया जा रहा है और इसके तहत कतिपय कारणों से शिक्षा मार्ग छोड कर श्रम मार्ग पर चलने वाले बाल श्रमिकों का वे सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है जिनके वे वास्तव में हकदार हैं।
उन्होंने बताया कि बाल श्रमिकों के कल्याण के लिए ७ वीं पंचवर्षीय योजना में ५ करोड, आठवीं योजना में १५ करोड, नवीं योजना में २४९ करोड, दसवीं योजना में ६०२ करोड रूपये प्रस्तावित थे जो ग्यारवीं योजना में ३७७३ करोड रूपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसके तहत देश के २९ राज्यों के ६०० जिलों में १८०० बाल श्रमिक विद्यालयों को सशक्त बनाते हुए बाल श्रमिकों को समाज की मूलधारा में लौटाने के लिए कई सुविधाएं दिया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने इसके लिए बनाई गई योजना की विस्तार से जानकारी भी प्रदान की और कहा कि योजना में जहां पर बाल श्रमिक परियोजना नहीं चल रही है उसे प्रारंभ करवाया जाएगा।
सुश्री सेठिया ने बाल श्रमिकों की स्थिति को जानने और उनके अधिकार दिलाने के लिए की जा रही देशभर के जिलों की यात्र के बारे में बताते हुए कहा कि अब तक उन्होंने १०८ जिलों की यात्र कर ली है और डूंगरपुर देश का १०९वां जिला है। उन्होंने राजस्थान में २१ जिलों में बाल श्रमिकों की समस्याओं को जानने के लिए प्रस्तावित यात्र के बारे में भी जानकारी दी। सेठिया ने मीडियाकर्मियों से आह्वान किया कि वे समाज हित में बाल श्रम के छिपे स्वरूप को जगजाहिर करें और इसके दुष्परिणामों से आमजनों को रू-ब-रू करवायें। उन्होंने इस सामाजिक बुराई को दूर करने के लिए समाज के सभी वर्गोंं को समन्वित रूप से आगे आकर बाल श्रम के विरोध में जनजाग्रति पैदा करने का आह्वान भी किया।
इस मौके पर बाल श्रम अधिकारी भालचंद्र व्यास ने जिले में बाल श्रमिक परियोजना के संचालन के तहत हुई सर्वे में तीन हजार बाल श्रमिकों के चिन्हित होने की जानकारी दी और जिले में बाल श्रम को रोकने के प्रयासों से अवगत कराया।
इससे पूर्व सुश्री सेठिया का यहां पहुंचने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर टीआर जोशी आदि ने कलेक्टट परिसर में स्वागत किया माता-पिता को भी लाया जाएगा बाल श्रम कानून के दायरे में मीडियाकर्मियों से संवाद करते हुए केन्द्रीय बाल श्रमिक सलाहकार बोर्ड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री ज्योति सेठिया ने बताया कि बोर्ड द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि १० अक्टूबर २००६ से लागू किए गए बाल श्रम कानून के दायरे में अब नियोजकों के साथ ही माता-पिता को भी लाने के प्रयास किए जायेंगे ताकि बाल श्रम के दोषी पाए जाने पर माता-पिता के विरूद्ध भी कानूनी कार्यवाही की जा सके।