बांसवाडा, २४ जून/अखिल भारतीय अम्बिकाप्रसाद दिव्य स्मृति प्रतिष्ठा पुरस्कार समिति एवसं प्रकाशन संस्थान , भोपाल द्वारा राष्ट्रीय ख्याति के बारहवें अखिल भारतीय अम्बिकाप्रसाद पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं।
शीर्षस्थ ऐतिहासिक उपन्यासकार, कवि, चित्राकार एवं साठ महत्वपूर्ण ग्रंथों के सर्जक स्व. अम्बिकाप्रसाद ’दिव्य‘ की स्मृति में साहित्य सदन भोपाल द्वारा विभिन्न विधाओं में अनेक साहित्यिक पुरस्कारों के लिए पुस्तकें आमंत्रित की गई हैं।
दिव्य पुरस्कार के संयोजक एवं दिव्यालोक के संपादक जगदीश किंजल्क ने बताया कि इन पुरस्कारों के अन्तर्गत उपन्यास विधा हेतु पांच हजार, कहानी विधा के लिए दो हजार एक सौ, काव्य विधा के लिए दो हजार एक सौ रुपए के पुरस्कार निर्धारित हैं। इसी प्रकार नाटक, व्यंग्य, ललित निबंध, पत्राकारिता, बाल साहित्य, दिव्य साहित्य पर शोध एवं साहित्यिक पत्रिाकाओं के लिए पुरस्कार स्वरूप दिव्य रजत अलंकरण प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ये पुरस्कार उन्हीं कृतियों पर प्रदान किए जाएंगे जो कि जनवरी 2005 से दिसम्बर 2007 के मध्य प्रकाशित हुई हं। इसके लिए सौ रुपए प्रवेश शुल्क, पुस्तकों की दो प्रतियां, लेखक/संपादक के दो रंगीन चित्र एवं परिचय सहित प्रविष्टि 30 नवम्बर 2008 तक ’’श्रीमती राजो किंजल्क, साहित्य सदन, 49, द्वारकापुरी, कोटरा रोड, पी एण्ड टी चौराहे के पास, भोपाल - 462003 के पते पर पहुंच जानी चाहिए।
हिन्दी साहित्य जगत में अत्यधिक लोकप्रिय, विश्वसनीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित दिव्य पुरस्कारों हेतु प्राप्त पुस्तकों व साहित्यिक पत्रिकाओं का चयन निर्णय एक निर्णायक मण्डल द्वारा किया जाएगा। इनका निर्णय अंतिम व मान्य होगा। पुरस्कारों हेतु प्राप्त पुस्तकें लौटायी नहीं जायेंगी। पुरस्कारों के लिए पुस्तकें भिजवाने वाले कृतिकारों से कहा गया है कि वे पुस्तकों के किसी भी पृष्ठ पर पेन से कोई शब्द नहीं लिखें।
इन पुरस्कारों के लिए अधिक जानकारी पाने के लिए संयोजक जगदीश किंजल्क के मोबाईल नम्बर 09977782777 से सम्फ किया जा सकता है।