नई दिल्ली, २४ अगस्त। राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने देश और विदेश के उद्यमियों को आह्वान किया है कि वे पुनःरुत्थान की ओर बढते नये राजस्थान के विकास में भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए मौजूद संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आये।
श्रीमती राजे शुक्रवार को नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (फिक्की) सभागार में आयोजित ’’रिसर्जेन्ट राजस्थान-निवेश रोड शौ और पाटर्नरशिप समिट के पुर्नावलोकन‘‘ कार्यक्रम में मौजूद देश-विदेश के औद्योगिक और व्यापारिक समूहों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रही थी।
आगामी ३० नवम्बर और एक दिसम्बर को जयपुर में होने वाले समिट मेगा शौ का आगाज करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान विकास की नई करवट लेने के साथ ही देश-विदेश के लोगों के लिए बेहतर औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन संभावनाओं वाले केन्द्र के रुप में उभर रहा है।
उन्होंने पिछले साढे तीन साल में हुई राजस्थान की औद्योगिक प्रगति, विकास दर में हुई वृद्धि के साथ ही विद्युत उत्पादन में आत्म निर्भरता की ओर बढते कदमों, राज्य की सुदृढ माली हालत, शिक्षा, जल-संसाधन, पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप, मिड डे मील कार्यक्रम आदि क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कल और आज के राजस्थान में बहुत बदलाव आ रहा है और कल तक जो लोग राजस्थान में आकर उद्योग स्थापित करने में संकोच करते थे वे आज राजस्थान में आकर निवेश करने में गहरी रुचि प्रदर्शित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकताएं प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं का विकास और उद्योगों के लिए आदर्श व अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ सामाजिक क्षेत्र के दायित्वों को पूरा करने के लिए जनोपयोगी कार्यों को हाथ में लेना है। इसके लिए हम स्कूलों म मिड डे मील कार्यक्रम और बच्चों के स्वास्थ्य का स्तर सुधारने की दिशा में सरकारी,गैर सरकारी और निजी संस्थाओं का सहयोग लेकर काम कर रहे हैं ।
उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का ऐसा प्रथम राज्य है जहां हमने अपने वायदे के अनुरुप एक भी यूनिट बिजली की कटौती नहीं की है जबकि अन्य कई राज्य यहां तक कि देश की राजधानी दिल्ली में भी लोग बिजली कटौती से बेहाल है। श्रीमती राजे ने बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन में ’सरप्लस स्टेट‘ बनने जा रहा है। बिजली की छीजत रोकने के लिए हम करीब ५००० करोड रुपये खर्च कर फीडर सुधार कार्यक्रम चला रहे हैं जिसे पूरा होने पर प्रदेश के हजारों गांवों में २४ घंटे बिजली मिलने लगेगी।
इसी प्रकार राजस्थान में जल संसाधन विकास के लिए १८ हजार करोड रूपये खर्च कर कई परियोजनाओं पर काम हो रहा है जिससे सिचंाई, पेयजल और उद्योगों के लिए पानी की कमी नही रहेगी। इस प्रकार राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और अन्य प्रदेशों से लगा ऐसा आदर्श राज्य है जहां औद्योगिक विकास का अच्छा वातावरण मौजूद है। दिल्ली और मुम्बई के मध्य प्रस्तावित कोरीडोर के लाभ से राजस्थान अछूता नही रहेगा क्योंकि करीब ४० प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में से होकर गुजरता है। हम जयपुर को ’वाई-फाई‘ सिटी बनाना चाहते हैं। गुडगांव से जयपुर के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के छः लेन होने से विकास की गति को और अधिक बढावा मिलेगा। राजस्थान में पर्यटन की अपार संभावनाएं है और हस्तशिल्प के नये आयाम खुलने से राजस्थान देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पंसद हो गया है।
श्रीमती राजे ने बताया कि राजस्थान की साक्षरता दर में उत्साहजनक वृद्धि हुई है और प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी आई.टी.आई., महिला सशक्तीकरण आदि क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ रहा है। राज्य सरकार ने मेडिकल शिक्षा, होटल्स और टाउनशिप आदि क्षेत्रों में निवेश आर्कषित करने की योजना भी बनाई है जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इसी प्रकार मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में हम विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को प्रोत्साहन दे रहे हैं और इन कार्यक्रमों के तहत शिक्षकों और विद्याथिर्यो के परीक्षण कार्य की शुरूआत की गई है। इसके अलावा राजस्थान नासकॉम के सहयोग से बी.पी.ओं क्षेत्र में सॉफट स्किल विकसित करने वाला देश के पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन से संबंधित कई प्रोजेक्ट के ’पाईप-लाईन‘ समझौता पत्रों के शीघ्र ही मंजिल तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी प्रकार नई होटल पॉलिसी के अंतर्गत आतिथ्य क्षेत्र में निवेश बढाने का प्रयास किये जा रहे हैं। इस प्रकार राजस्थान का विकास और प्रगति की दृष्टि से लंबी छलांग लेना तय है। श्रीमती राजे ने बताया कि हमारी सरकार के सतत प्रयासों के परिणाम दिखने लगे हैं। हाल ही में विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में भारत में जिन १२ बडे शहरो को व्यापारिक परिवेश की दृष्टि से बेहतर बताया गया है उनमें जयपुर का स्थान हैदराबाद और बंगलोर के पश्चात् तीसरे नम्बर पर है। यह राजस्थान में हो रही प्रगति का इससे बढया प्रमाण और क्या हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर में होने वाले रिसर्जेंट राजस्थान भागीदारी सम्मिट मेगा शो में देश-विदेश के जाने-माने दिग्गजों के आने की उम्मीद है। इस सम्मिट में निवेशकों को प्रदेश में निवेश के अवसरों और उन्हें उपलब्ध करवाए जाने वाली सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। उन्होने ट्रेड और इंडस्ट्री के साथ ही अन्य सभी क्षेत्रों से जुडे लोगो को सम्मिट में भाग लेने का न्यौता दिया।
इस अवसर पर बोलते हुए राजस्थान के उद्योग मंत्री श्री नरपत सिंह राजवी ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश के सबसे बडे प्रांत और रेगिस्तान प्रधान प्रदेश होने के कारण हमारे सामने विकास की अनेक चुनौतियां हैं। जिसका सामना करने के लिए हम अथक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में हो रहे चहमुखी विकास की चर्चा करते हुए बताया कि पर्यटन और खनिज आधारित उद्योगो के साथ ही राजस्थान में तेल एवं खनिज के भंडारों की खोज से विकास के नए आयाम जुडने वाले हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश मे औद्योगिक विकास का जैसा वातावरण मौजूद है वैसा देश के अन्य किसी प्रदेश में नहीं है। उन्होने बताया कि विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थाना, पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप उद्योगो के लिए एकल खिडकी योजना बी.डी. की स्थापना आदि में राजस्थान ने देश में सर्वप्रथम पहल की है। हम मिड-डे मील कार्यक्रम, ग्रामीण संफ सडकों के विकास आदि में देश में सर्वश्रेष्ठ हैं। प्रदेश में पर्यटन विकास की गति को इस बात से आंका जा सकता है कि हमारे पास अतिथि को ठहराने के लिए होटलों में पर्याप्त कमरें उपलब्ध नही है। पश्चिमी राजस्थान में सेरेमिक आधारित उद्योगो की संभावना, पोर्ट विकास और रिफाईनरी की स्थापना जैसे प्रोजेक्टस के मूर्त रूप लेने पर राजस्थान देश के औद्योगिक नक्शे पर अग्रणी प्रांतों के श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
समारोह के प्रारंभ में भारतीय उद्योग संघ (फिक्की) के अध्यक्ष श्री हबीब खोरकवाला और महासचिव डाँ. अमित मित्रा ने मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और राजस्थान में उनके नेतृत्व में हो रहे औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों में हो रहे विकास की चर्चा की। इस मौके पर सांसद श्री वी.पी.सिंह, श्री गज सिंह जोधपुर, राजस्थान की पर्यटन सचिव श्रीमती मीरा महर्षि, खान सचिव श्री अशोक सिंघवी ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्रियल प्रमोशन के आयुक्त श्री उमेश कुमार, रीको के प्रबंध निदेशक श्री कुलदीप रांका सहित बडी संख्या में विभिन्न क्षेत्रो से जुडे प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने इस मौके पर रिसर्जेन्ट राजस्थान डॉट कॉम वेबसाईट का शुभारंभ भी किया।