मौत के मुंह से जिंदा लौटा मासूम
24 Dec
2007, 1821 Hrs कहते हैं कि जिसकी हिफाजत खुदा करे उसे डर क्या। कुछ ऐसा ही हुआ बीकानेर के साढे चार साला लक्ष्मीकांत उपाध्याय के साथ। इस मासूम को यह नहीं पता था कि जिस चीज से वह खेल रहा है वह उसके लिए मौत का सबब बन सकती है।
बीकानेर, 24 दिसंबर। कहते हैं कि जिसकी हिफाजत खुदा करे उसे डर क्या। कुछ ऐसा ही हुआ बीकानेर के साढे चार साला लक्ष्मीकांत उपाध्याय के साथ। इस मासूम को यह नहीं पता था कि जिस चीज से वह खेल रहा है वह उसके लिए मौत का सबब बन सकती है। दरअसल पुरानी लेन गंगाशहर के रहने वाले शिवशंकर उपाध्याय के साढे चार साल का पुत्र आज सुबह कहीं से मुंगफली लेकर निगल गया, जो उसके गले में फंस गयी। बच्चे की सांस रूक जाने से घबराये परिजन बच्चे को लेकर गंगाशहर स्थित एक क्लिनिक में दिखाया लेकिन वहां के चिकित्सकों ने इसे जल्द से जल्द पीबीएम से संबद्ध ईएनटी अस्पताल में ले जाने की सलाह दे डाली। बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन बच्चे को लेकर तुरंत ईएनटी अस्पताल पहुंचे। जहां पर एक रेजिडेंट डाक्टर घेवर राम ने बच्चे को सबसे पहले जांचा। जांच के बाद उन्होंने पाया कि बच्चे की नब्ज और दिल की धड़कन बिलकुल बंद हो चुकी है, इससे घबराये घेवर राम ने तुरंत ईएनटी प्रभारी डॉ एन के सोनी को बुला लिया, उन्होंने भी बच्चे को जांचने के बाद मृत घोषित कर दिया, इसके बाद अचानक बच्चे में कुछ हलचल पाकर डॉ सोनी ने तुरंत इस बच्चे को उठा कर अपनी गाड़ी में डाला और पीबीएम अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में ले गये। जहां पर पहले से ही एक ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी, लेकिन बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए डॉ सोनी ने उसके गले में फंसी चीज को निकालने की कोशिश करने लगे। लेकिन अभी तक बच्चे में दिल की धड़कन शुरू नहीं हुई थी और नब्ज भी रुकी हुई थी। बिजली के शॉक लगाकर और कृत्रिम सांस देकर बच्चे का ऑपरेशन किया गया और उसके गले मे फंसी मुंगफली को निकाल दिया गया। हालांकि अब भी चिकित्सक इस बात के प्रति आश्वसत नहीं थे कि इतने देर तक दिमाग को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने की वजह से बच्चा सामान्य हालत में लौट पाएगा या नहीं लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्चा पूरी तरह से सामान्य व्यवहार कर रहा था और उसने कुछ मात्रा में भोजन भी खाया। बच्चे के पिता और उसके परिजनों ने डॉ एन के सोनी के इस सराहनीय कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें देवता करार दे दिया। फिलहाल बच्चे के ईएनटी अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती किया हुआ है। बच्चों का रखें विशेष ख्याल मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करने वाले डॉ एन के सोनी ने शहर के सभी माता पिताओं से अपील करते हुए कहा कि वे दो साल तक के बच्चे को मुंगफली, चीकू के बीज, चना, सुपारी, कांच के कंचे आदि खेलने और खाने के लिए नहीं दे। इस प्रकार की घटना होने पर मरीज को तुरंत ईएनटी अस्पताल में लेकर आएं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में हर दूसरे तीसरे दिन इस प्रकार के मरीज आ रहे है, इसलिए माता पिता को अपने बच्चे का विशेष ख्याल रखना चाहिए और ऊपर बताई गयी चीजों को बच्चे को ना दें।