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भेड पालकों के जीवन का सहारा बनी भेड एवं भेडपालक बीमा योजना
24 Dec 2007

देश के विकास में भेडपालन व्यवसाय का महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमान में राज्य में १००.३१ लाख भेडें हैं और भेडों की नस्लों में चौकला, मगरा, नाली, मारवाडी, जैसलमेरी, पूगल, सोनाडी व मालपुरा मुख्य है।


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जयपुर,२४ दिसम्बर,२००७ प्रदेश के विकास में भेडपालन व्यवसाय का महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमान में राज्य में १००.३१ लाख भेडें हैं और भेडों की नस्लों में चौकला, मगरा, नाली, मारवाडी, जैसलमेरी, पूगल, सोनाडी व मालपुरा मुख्य है। राज्य में भेडों से उत्पादित ऊन के विक्रय से भेडपालकों को प्रति वर्ष लगभग २० करोड रुपये की आय होती है तथा लगभग २ लाख परिवारों के २० लाख व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं।
वर्तमान सरकार ने सत्तासीन होने के बाद भेड, बकरी एवं ऊँटों को अकाल राहत सूची (फेमिन कोड) में शामिल किया है ताकि राजस्थान में बार-बार पडने वाले अकाल के समय इन्हें भी सहायता मिल सके। राज्य सरकार ने इस आशय का नीतिगत निर्णय लेकर क्रियान्वयन हेतु ६ दिसम्बर, ०४ को जिला मुख्यालय जालौर से मुख्यमंत्री द्वारा भेड एवं भेडपालकों के हितार्थ राजकीय अनुदानित तीन बीमा योजनाओं की घोषणा कर अपूर्व पहल की है। इनमें प्रदेश की बहुमूल्य भेडों के हितार्थ जोखिम की पूर्ति करने के लिए अविकाकवच बीमा योजना तथा भेडपालकों की दुर्घटना, विकलांगता अथवा मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को बीमा क्लेम राशि उपलब्ध कराने हेतु अविकापाल जीवन रक्षक एवं अविरक्षक बीमा योजना लागू की गई।
अविकाकवच योजना में जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी द्वारा संचालित पशु बीमा योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अनुदान एवं अविकापाल जीवन रक्षक योजना में भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा ’’जनश्री’’ योजनान्तर्गत राज्य सरकार तथा अविरक्षक योजना में जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी द्वारा संचालित जनता पर्सनल एक्सीडेन्ट इन्श्योरेन्स स्कीम के अन्तर्गत भेडपालकों को अनुदान देने का प्रावधान रखा गया।
प्रदेश में भेडों के जोखिम की पूर्ति हेतु संचालित अविकाकवच बीमा योजना के तहत वर्ष २००४-०५ में ८७ हजार ९४९, वर्ष २००५-०६ म एक लाख २० हजार ३८९, वर्ष २००५-०६ में ६९ हजार २५८ तथा वर्ष २००७-०८ के अक्टूबर तक १० हजार ६९७ भेडों का बीमा किया गया। इसी प्रकार वर्ष २००४-०५ से अक्टूबर, ०७ तक अविकाकवच योजना में २ लाख ८८ हजार २९३ भेडों का बीमा कर २००४-०५ से अक्टूबर, ०७ तक ५१ लाख ३९ हजार ६०१ रुपये की अनुदानित राशि पशुपालन विभाग द्वारा बीमा कम्पनी को दी गई।
 
इसी प्रकार भेडपालकों के कल्याणार्थ राजकीय अनुदानित अविकापाल जीवन रक्षक बीमा योजना के तहत वर्ष २००४-०५ में १५ हजार ९१५ भेडपालकों, वर्ष २००५-०६ में १७ हजार ६१४, वर्ष २००६-०७ में ११ हजार २९० तथा वर्ष २००७-०८ के अक्टूबर, तक १० हजार ३१४ भेडपालकों का बीमा किया गया। इसी तरह वर्ष २००४-०५ से वर्ष २००७-०८ में माह अक्टूबर, ०७ तक राज्य में ५५ हजार १३३ भेडपालकों का बीमा कर ५५ लाख ९९ हजार ९४८ रुपये अनुदान स्वरूप राशि का पशुपालन विभाग द्वारा भुगतान किया गया है।
इसके अलावा भेडपालकों के हितार्थ अविरक्षक राजकीय अनुदानित बीमा योजना के तहत वर्ष २००४-०५ में २५ हजार ९०८, वर्ष २००५-०६ में २५ हजार ३२७, वर्ष २००६-०७ में १७ हजार २७८ एवं वर्ष २००७-०८ में अक्टूबर माह तक ४ हजार ६३५ भेडपालकों का बीमा हुआ। इस प्रकार वर्ष २००४-०५ से २००७-०८ के अक्टूबर तक ७३ हजार १४८ भेडपालकों का बीमा कर ७ लाख ६७ हजार २४६ रुपये अनुदानित राशि के रूप में विभाग की ओर से बीमा कम्पनियों को दी गई है।
निश्चय ही राज्य सरकार ने प्रदेश की बहुमूल्य भेडों और भेडपालकों के लिए अनुदानित बीमा योजना लागू कर एक नई पहल की  है। इन चार वर्षों में राज्य के भेडपालकों के जीवन के लिए ये बीमा योजना सहारा सिद्ध हुई है।




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Pelagian Dictionary

पालकों
के
जीवन
का
सहारा
बनी
भेड
एवं
भेडपालक
बीमा
योजना


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जालौर से मुख्यमंत्री द्वारा भेड एवं भेडपालकों के हितार्थ राजकीय अनुदानित तीन बीमा योजनाओं की घोषणा कर अपूर्व पहल की है। इनमें प्रदेश की बहुमूल्य भेडों के हितार्थ जोखिम की पूर्ति करने के लिए अविकाकवच बीमा योजना तथा भेडपालकों की दुर्घटना, विकलांगता अथवा मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को बीमा क्लेम राशि उपलब्ध कराने हेतु अविकापाल जीवन रक्षक एवं अविरक्षक बीमा योजना लागू की गई।
best c.m. vasudhraji raje rajasthan ki no.1 मुख्यमंत्री
SHREE DHANJI DEWASI SARNAU - PASUPALAK PROKOSH JAIPUR
BHARTIYA JANATA PARTY JALORE , DHANARAMJI DEWASI ( SAMELANI PARIWAR SARNAU  (18/04/2008 20:36:45)


श्री धनारामजी देवासी पासुपालक प्रोकोष मेंबेरे गाव - सरनौ पोस्ट - सरनौ तशील - सँचोरे ज़िला - जलोरे राजस्थान मैं भाजपा से जुड़ा हुआ हू मेरे को पासु पालक प्रोकोष मेंबेरे बनाया गया भारतीय जनता पार्टी सँचोरे मे मेरे को गरमीण आदयश बनाया हमारे राजस्थान की तेजषवी मुखमत्री वसुधरा जी राजे . पहली मुखमत्री है जीने राजस्थान की तकदीर बदल दी है देवासी समाज जलोरे आप का हार्दिक सवागत करता है
DHANARAMJI DEWASI
, DHANARAM DEWASI SARNAU  (19/04/2008 23:24:59)


भेड पालकों के जीवन का सहारा बनी भेड एवं भेडपालक बीमा योजना........
श्री धनारामजी देवासी पासुपालक प्रोकोष मेंबेरे
गाव - सरनौ पोस्ट - सरनौ तशील - सँचोरे ज़िला
मुखमत्री वसुधरा जी राजे . पहली मुखमत्री है जीने राजस्थान की तकदीर बदल दी है देवासी समाज जलोरे आप का हार्दिक सवागत करता है
, dhanji dewasi  (20/04/2008 06:14:37)


धनजी देवासी सरनाउ पशुपालक प्रकोष मेबेर ज़ैइपुर
भारतीय जनता पार्टी जालोर

, DHANJI DEWASI SARNAU (28/06/2003)



 
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