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मानगढ धाम पर परम्परागत मेले में समाजसुधार पर व्यापक चर्चा
24 Dec 2007, 1821 Hrs

सामाजिक विकास के लिए कुरीतियों के उन्मूलन और दुर्व्यसनों के परित्याग पर जोर दिया है और कहा है कि गोविन्द गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज के उत्थान और आंचलिक विकास की धाराओं को तीव्रतर किया जा सकता है।


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kmk-mangarh-dhamबांसवाडा, २४ दिसम्बर/ सामाजिक विकास के लिए कुरीतियों के उन्मूलन और दुर्व्यसनों के परित्याग पर जोर दिया है और कहा है कि गोविन्द गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज के उत्थान और आंचलिक विकास की धाराओं को तीव्रतर किया जा सकता है। यह गुरुतर दायित्व निभाने का फर्ज मौजूदा पीढी पर है और इसे अच्छी तरह पूरा करना होगा। इस ऐतिहासिक घटना के बारे में व्यापक इतिहास लेखन और प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
यह आह्वान राजस्थान-गुजरात सीमा पर बांसवाडा से ७० किलोमीटर दूर आनन्दपुरी पंचायत समिति अन्तर्गत मानगढ पहाड पर रविवार रात परम्परागत मेले में आए मेलार्थियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने किया। इन वक्ताओं ने मानगढ घटना में शहीद हुए श्रद्धालुओं के प्रति भावभीनी श्रद्धान्जलि अर्पित की, प्राचीन धूंणी में हवन किया तथा दैव प्रतिमाओं और गोविन्द गुरु के दर्शन किए।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री कनकमल कटारा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी, बांसवाडा-डूंगरपुर क्षेत्रीय सांसद धनसिंह रावत, जिला प्रमुख महेन्द्रजीतसिंह मालविया, बागीदौरा के विधायक जीतमल खांट, बांसवाडा नगरपालिकाध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कटारा गुजरात के प्रमुख समाजसेवी शशिकान्त मईडा, मध्यप्रदेश के संत मोहनगिरि महाराज, संजेली धाम गुजरात के डॉ. दलसुखदास महाराज, प्रमुख संत नन्दू महाराज, सामाजिक चिन्तक डॉ. वेलाराम घोघरा(डूंगरपुर), भुवन मुकुन्द पण्ड्या, कान्तिलाल व्यास, मोहनलाल डामोर, समाजसेवी ओम पालीवाल, हकरू मईडा, हुरतेंग खडया, आनन्दपुरी की प्रधान श्रीमती सुभद्रा गरासिया व गढी के प्रधान शंकरलाल, करौली के जगदीश मीणा सहित अनेक प्रमुख जन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इनमें से अनक वक्ताओं ने हजारों की संख्या में मौजूद मेलार्थियों एवं गोविन्द गुरु के अनुयायियों के समक्ष कहा कि आज समाज को बुराइयों से मुक्त कराने, समाज सुधार गतिविधियों को पूरी व्यापकता एवं प्रभावशीलता के साथ लागू करने तथा गोविन्द गुरु के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए लोक जागरण करें और अपने-अपने इलाकों में धार्मिक सदाचारों और आदर्श मान्यताओं का पालन करते हुए समाज को नई दिशा एवं मंगलकारी दृष्टि प्रदान करें।
 इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री कनकमल कटारा ने मानगढ के महत्त्व और गोविन्द गुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि आज सामाजिक जागृति की जरूरत है।  कटारा ने कहा कि भक्ति आन्दोलन के चलते अब दुर्व्यसनों के परित्याग की दिशा में प्रभावी माहौल स्थापित हुआ है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने पुरातन संस्कृति के ज्ञान को संरक्षित रखने पर जोर दिया और कहा कि पारम्परिक धरोहरों के बलबूते ही समाज की नींव को मजबूत किया जा सकता है। जोशी ने कहा कि स्वास्थ्य ही सर्वोपरि है और यह शक्ति और भक्ति दोनों का मूलाधार है।
 सांसद धनसिंह रावत ने अपने उद्बोधन में समाज को सही और नवीन रास्ते पर ले जाने के लिए अथक प्रयासों की जरूरत बतायी और कहा कि इसी से तरक्की पायी जा सकती है और इसके लिए संत-महन्तों को आगे आकर समाज को प्रेरित करना होगा। उन्होंने शिक्षा पर जोर दिया और कहा कि अंधेरे से उजालों की तरफ बढना होगा। पाण्डाल निर्माण के लिए सांसद क्षेत्रीय विकास कोष से दस लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। सांसद रावत ने बांसवाडा शहर के राजराजेश्वर शिवालय को आम दर्शनार्थियों के लिए खुलवाने क लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी का आभार माना।
जिला प्रमुख महेन्द्रजीतसिंह मालविया ने गोविन्द गुरु और मानगढ की महिमा पर प्रकाश डाला और कहा कि आज सामाजिक मूल्यों के साथ आगे बढने की जरूरत है।
 बागीदौरा के विधायक जीतमल खांट ने कथनी और करनी के भेद को मिटाने पर बल दिया और संत-महंतों तथा जन प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे जनता के सामने सच्चे आवरण के साथ जाएं और लोक कल्याण व संस्कृति संरक्षण में भागीदार बनें। उन्होंने भजन भी गाया।
बांसवाडा नगरपालिकाध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कटारा ने आदिवासियों के विकास हेतु  तालीम को जरूरी बताया।
संजेली धाम गुजरात के संत डॉ. दलसुखदास महाराज ने आदिवासियों की पुरातन आदि संस्कृति के कई रहस्यों पर प्रकाश डाला। सामाजिक चिन्तक डॉ. वेलाराम घोघरा ने इस अवसर पर जोशीला भक्ति गीत ’’प्रेमियों नो मेरो महाराज...‘‘ गाते हुए प्रकृति पूजा का संदेश दिया।
स्वागत उद्बोधन मानगढ के महन्त पूर्व विधायक नाथुराम ने दिया और मानगढ विकास के लिए व्यापक प्रयास पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन मानस सेवा, राष्ट्रीय एकता जनजागृति संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रमुख सामाजिक चिन्तक लालशंकर पारगी ने किया।  इस अवसर पर धर्मेन्द राठौड, कैलाश मीणा सहित बडी संख्या में जन प्रतिनिधि, समाजसेवी, अधिकारीगण और नागरिकगण उपस्थित थे।
गोविन्द गुरु की आरती
तमाम जन प्रतिनिधियों एवं भक्तों ने बाद में श्रद्धा और भक्तिभावपूर्वक गोविन्द गुरु की आरती उतारी।

 

 



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