राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस समारोह-उपभोक्ता हितों की रक्षा करने में राजस्थान पहला राज्य
24 Dec
2007, 1732 Hrs
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अशोक सम्पतराम ने कहा है कि उपभोक्ता हितों की रक्षा करने में राजस्थान पूरे देश में अव्वल रहा है।
जयपुर, २४ दिसम्बर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अशोक सम्पतराम ने कहा है कि उपभोक्ता हितों की रक्षा करने में राजस्थान पूरे देश में अव्वल रहा है।
श्री सम्पतराम सोमवार को यहां सूचना केन्द्र में आयोजित राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता हमेशा रहेगी तथा परिपेक्ष्य बदलता है तो उपभोक्ता आन्दोलन भी बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में उदारीकरण, निजीकरण के आने से प्रतियोगिता बढी है। उन्होंने कहा कि टेलिफोन सुविधा देने वाली कम्पनियों में विकल्प खुलने से उपभोक्ता के सामने सेवा प्राप्त करने के भी काफी विकल्प खुले है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं देने वाली कम्पनीयों की निगरीनी एवं उपभोक्ता का शोषण रोकने के लिए नियामक आयोग बनाये गये है। जिससे कि किसी भी उपभोक्ता के अधिकारों का हनन नहीं हो।
उन्होनें कहा कि सेवा उपलब्ध करान वाली संस्थाओं एवं सेवा प्राप्त करने वाले उपभोक्ता को भी अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो काफी बदलाव आयेगा। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक संगठनों के समाने उपभोक्ता आन्दोलन को सशक्त बनाने के लिए काफी चुनौतियां है। उन्होंने कहा कि विदेशों में उपभोक्ता आन्दोलन काफी सशक्त है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जिस गति से उपभोक्ता मामले दर्ज हो रहे उससे लगता है कि उपभोक्ताओं में काफी जागरूकता बढी है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि स्वैच्छिक संगठन अधिक संशक्त बनेंगे तो उपभोक्ताओं की समस्याएं एवं कठिनाईयां में धीरे धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को स्वयं जागरूक होना होगा । उपभोक्ता तटस्थ की भावना को तोडना होगा तथा उपभोक्ता को स्वयं हित चिंतन बनना पडेंगा व तटस्थ के भाव को छोडना होगा।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग के सदस्य श्री तीर्थप्रसाद गुप्ता ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम जनकल्याणकारी कानून है जो उपभोक्ता के हितों का संरक्षण करता है। इस अधिनियम से वस्तु विक्रेता की जवाब देही तय की गयी है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों में ही उपभोक्ता संरक्षण अधिकार भी समाहित है लेकिन इसे अलग से भी परिभाषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग में दर्ज ३९ हजार ४२५ मामलों में से ३३ हजार ६६३ का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिला मंचों में २ लाख ४५ हजार से अधिक मामले दर्ज हुए है तथा मंचों द्वार उपभोक्ता मामलों का निस्तारण करने में देश में राजस्थान का पहला स्थान है।
उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक श्री विनोद अजमेरा ने कहा कि उपभोक्ता को शिक्षित एवं जागरूक करने की आवश्यकता है। जिसमें स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने उपभोक्ता मामलों से जुडे लोगों को अपनी मानसिकता एवं सोच को बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को वस्तु की गुणवत्ता को भी पहचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता कल्याण कोष के माध्यम से उपभोक्ता कल्याण की विभिन्न योजनाएं चलायी जा सकती है। इसके लिए योजनाओं एवं सुझाव प्राप्त होते है तो उन्हें विभाग द्वारा लागू करने की पहल की जा सकती है।
इससे पहले खाद्य विभाग के उपायुक्त श्री एन.के.खींचा ने अतिथियों स्वागत किया एवं उपभोक्ता दिवस की उपादेयता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपभोक्ता संगठन केन्स के श्री अनन्त शर्मा ने कहा कि उपभोक्ता संगठन उपभोक्ता और सरकार के बीच कडी का काम कर रहा है। उन्होंन कहा कि उपभोक्ता अधिनियम के माध्यम से उपभोक्ता को वस्तु के दोषपूर्ण पाये जाने पर क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार मिल गया है।
इस अवसर पर उपभोक्ता दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये सन्देश को पढकर भी सुनाया गया।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव श्री अशोक सम्पतराम ने भारतीय मानक ब्यूरों, विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय, नियंत्रक विधिक माप विज्ञान के अलावा विभिन्न विभागों की ओर से लगायी गयी उपभोक्ता प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। समारोह में बडी संख्या में अधिकारी कर्मचारी एवं उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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