राजस्थान सांसदों ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डाँ. मनमोहन सिंह से उनके संसद भवन स्थित कार्यालय में भेट कर पंजाब से राजस्थान के हिस्से का पानी दिलवाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की
नई दिल्ली, राजस्थान के सांसदों ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डाँ. मनमोहन सिंह से उनके संसद भवन स्थित कार्यालय में भेट कर पंजाब से राजस्थान के हिस्से का पानी दिलवाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस बारे में प्रधानमंत्री और केन्द्रीय उर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पत्र लिख चुके है।
प्रधानमंत्री से भेट करने वाले सांसदों ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करवाने वाले प्रदेश के सांसदों में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री डाँ. सी.पी. जोशी, केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री सचिन पायलेट, केन्द्रीय भूतल एवं उच्च राजमार्ग राज्यमंत्री महादेव सिंह खंडेला, जयपुर के सांसद डाँ. महेश जोशी, सांसद एवं पूर्व मंत्री शीश राम ओला, डाँ. गिरिजा व्यास, जितेन्द्र सिंह, लालचन्द कटारिया, ताराचंद भगोरा, रघुवीर सिंह मीणा, इज्यराज सिंह, हरीश चौधरी, बद्रीराम जाखड, खिलाडी लाल बैरवा, भरत राम मेघवाल, रतन सिंह, गोपाल सिंह शेखावत, डाँ. ज्योति मिर्धा और नरेन्द्र बुडानिया शामिल थे ।
सांसदों ने प्रधानमंत्री को तथ्य से अवगत करवाते हुए बताया कि राजस्थान को रावी-व्यास का पानी रणजीत सागर बॉध, पोंग बांध एवं भाखडा बांध से प्राप्त होता है। रणजीत सागर बांध पंजाब राज्य के नियंत्राण में है एवं अन्य दो बांध भाखडा व्यास प्रबंधन मण्डल के नियंत्राण में है। वर्तमान में राजस्थान के हिस्से का लगभग 72000 क्यूसेक प्रतिदिन पानी पंजाब रिलीज नह कर रहा है। इस कारण से इंदिरा गॉधी नहर क्षेत्रा में पेयजल हेतु पानी की पर्याप्त आपूर्ति नही हो पा रही है। प्रदेश की न्यूनतम आवश्यकता 2200 क्यूसेक प्रतिदिन पानी के विरुद्ध केवल 1100 क्यूसेक पानी ह मिल रहा है। जिससे नहरों के अन्ंतम छोर पर पीने का पानी नहीं पंहुच रहा है। इस कारण राज्य की जनता में भारी आक्रोश है। दूसरी ओर खडी फसलों के लिए किसान पानी की मांग को लेकर आंदोलनरत है। यदि समस्या का तत्काल समाधान नही हुआ तो स्थिति और भी अधिक विकट हो जाऐगी एवं कानून व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियां बन सकती है।
सांसदो ने बताया कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 71 के तहत भाखडा व्यास प्रबंधन मंडल का यह उत्तरदायित्व है कि संबधित राज्यों को उनके हिस्से का पानी उपलब्ध करावे, लेकिन इस मामले में भाखडा व्यास प्रबंधन मंडल ने अपनी असमर्थता जताई है।
इसलिए यह आवश्यक है कि प्रधानमंत्री और केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय भाखडा व्यास प्रबंधन मंडल को तत्काल निर्देश देकर राजस्थान के हिस्सें का पानी तत्काल रिलीज करावें। यदि पजाब रणजीत सागर बॉध से पानी नही छोडता है तो राजस्थान को पंजाब के पोंग एवं भाखडा बॉध में से राज्य के हिस्से का पानी छोडने के लिए कहा जाए। इससे पंजाब के हक पर भी कोई विपरित प्रभाव नहीं पडेगा। राजस्थान की पानी की मांग उसके निर्धारित हिस्से के अनुरुप है। इसलिए भाखडा व्यास प्रबंधन मंडल को इसमे कोई आपत्ति नही होनी चाहिये।