बांसवाडा, (वागड विजन) केरल राज्य के कन्नूर जिले में मार्क्सवादी हिंसा में स्वयंसेवकों के मारे जाने तथा आरएसएस कार्यकर्ताओं पर लगातार हमलों के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा २५ से ३१ मार्च तक देश व्यापी धरना प्रदर्शन के तहत मंगलवार को बांसवाडा में कलेक्ट्री चौराहे पर हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों ने धरना दिया।
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक श्रीवर्धन ने कहा कि देश के राष्ट्रीय आन्दोलन हों या राष्ट्रीयता का कोई भी अभियान या कार्यक्रम, मार्क्सवादी हर मोर्चे पर अराष्ट्रीय हरकतों में लिप्त रहे हैं और उनका एकमेव मकसद भारतवर्ष की जडों को कमजोर करना है। लेकिन देश के जागरुक लोग इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सह प्रांत प्रचारक श्रीवर्द्धन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अर्से से अराष्ट्रीय तत्वों से संघर्ष कर रहा है और उसका मानना है कि जब तक देश अराष्ट्रीय और राष्ट्रद्रोही तत्वों से मुक्त नहीं हो जाता तब तक देश का भला नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग लुभावने नारे देकर देश की युवा पीढी को भ्रमित कर रहे हैं और देश की सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक परिपाटियों पर कुठाराघात कर रहे हैं। यह सब अराष्ट्रीय होने के साथ ही देश की एकता और अखण्डता पर आसन्न खतरा है। जिससे समय रहते अच्छी तरह निपटा जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान होना चाहिए लेकिन मूल विचार और परम्पराओं तथा आदर्शों की बुनियाद को सामने रखकर ऐसा होना चाहिए।
उन्होंने देश के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महापुरुषों ने त्याग, सेवा और बलिदान की प्रेरणा दी थी लेकिन कुछ लोग देश की मूल विचारधारा और प्रकृति से हटकर अशांति फैला रहे हैं जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने भारत छोडो आन्दोलन, चीन-भारत युद्ध आदि का जिक्र किया और कहा कि मार्क्सवादी और कम्यूनिस्टों ने हर बार ऐसा काम किया है जो भारत के हित में कभी नहीं रहा। जो भारत के शत्रु हैं उनसे हर देशवासी की स्वाभाविक शत्रुता तथा मित्रों से स्वाभाविक मित्रता का भाव होना चाहिए लेकिन कम्यूनिस्टों ने सदैव इसका उलटा किया है। इस बात को हर भारतवासी अच्छी तरह जानता है।
श्रीवर्द्धन ने माक्र्सवाद का घिनौना चेहरा उजागर करते हुए कहा कि नन्दीग्राम नरसंहार, सैनबराी हत्याकाण्ड, आनन्दमगरी हत्याकाण्ड, मैदनीपुर दन्तोला, सिंगुर आदि स्थानों पर सीपीएम कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व में भी नरसंहार किया गया। इन अराष्ट्रीय और अराजक लोगों के लिए ऐसे कुत्सिक कर्म इनकी आदत में शुमार हो गए हैं।
श्रीवर्धन ने कहा कि केरल प्रदेश के कन्नूर जिले में सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने संघ के पांच कार्यकर्ताओं को मार डाला और दर्जनों को गंभीर रूप से घायल किया। इस हिंसा में ४॰ से अधिक कार्यकर्ताओं के घर नष्ट कर दिए।
उन्होंने बताया कि संघ द्वारा शांति के सभी प्रयास किए गए पर वे नाकाम रहे जिसके फलस्वरूप विरोध के स्वर उठाए गए हैं।
धरनार्थियों को संबोधित करते हुए संघ के चित्तौड प्रांत के बौद्धिक प्रमुख भुवन मुकुन्द पंड्या ने कहा कि सीपीएम कार्यकर्ता जनता को बहला फुसलाकर उन्हें देशद्रोही गतिविधियों ने सम्मिलित करते हैं। पंड्या ने कहा कि नीतिकारों ने संविधान में मूल प्रवृत्तियों को छोड दिया जिसके फलस्वरूप ऐसी दुर्भाग्यजनक घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि लचीलेपन का लाभ लेते हुए कुछ लोग हिंसा का ताण्डव रच रहे हैं। अतः संविधान का अध्ययन और विश्लेषण होना चाहिए। साथ ही हमें मूल प्रकृति एवं प्रवृत्ति की ओर लौटना होगा।
इस अवसर पर नवनीत शुक्ल ने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए संघ की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान कृष्णमुरारी गौतम ने गीत प्रस्तुत किया। सभा के अतिथि बडा रामद्वारा के संत रामप्रकाश, घोटिया आंबा के महंत हीरागिरी महाराज व संघ के सह जिला संघचालक नारायणलाल पंड्या थे।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम पालीवाल, मनेाहर पटेल, सुरेश उपाध्याय, पार्षद घनश्याम, श्यामा राणा, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड, हकरू मईडा, एडवोकेट शिवप्रसाद जोशी, भूपेन्द्र तनिक, कमल पहलवान, लक्ष्मीकांत भावसार सहित बडी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन जयंतीलाल भट्ट ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र से हुआ। इस अवसर पर धरना स्थल पर लगाई गई कन्नूर जिले में हुए नरसंहार की समाचार पत्रों की कतरनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी स्थल पर नंदीग्राम की घटना पर लिखी गई पुस्तकों की बिक्री भी की गई।
ग्राम सेवक संघ का कलमबंद असहयोग 11 वें दिन भी जारी
सूरतगढ, 25 मार्च। ग्राम सेवक संघ का कलमबंद असहयोग आंदोलन मंगलवार को 11 वें दिन भी जारी रहा। इस अवसर पर आंदोलनरत ग्राम सेवकों की मांगों के समर्थन में सरपंच एसोसिएशन के पंचायत समिति क्षेत्र के सरपंचों ने आंदोलन में कूदने की घोषणा की। सरपंचों ने कहा कि 26 मार्च को सरपंच एसोसिएशन द्वारा विधानसभा के समक्ष प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में सचिवों की मांगों को उठाया जाएगा। वहीं शिक्षक संघ (शेखावत) सदस्यों ने अध्यक्ष कुलदीप सिंह व मंत्री ओमप्रकाश भांभू के नेतृत्व में ग्राम सेवकों की मांगों के समर्थन में पंचायत समिति मुख्यालय पर उपस्थित होकर आंदोलन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने विकास अधिकारी से मिलकर शिक्षकों के गैर शैक्षिक कार्य सम्पादित करवाने का विरोध जताया। प्रतिनिधि मण्डल में प्रवक्ता मोतीलाल भार्गव, जगदीश बिश्ा*ोई, संदीप मूंड व पन्नाराम शामिल थे।
एक दिवसीय नरेगा प्रशिक्षण शिविर
सूरतगढ, 25 मार्च। नरेगा के अन्तर्गत पंचायत समिति क्षेत्र की पंचायतों के मेटों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर समिति के सभा भवन में 27 मार्च को होगा। विकास अधिकारी सुश्री रचना भाटिया ने बताया कि इस शिविर में मेटों को नरेगा के तहत करवाये जाने वाले कार्यों के मस्टरोल संधारण व अन्य कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व टीकाकरण शिविर आयोजित
सूरतगढ, 25 मार्च। नगरपालिका द्वारा स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत वार्ड नं. 2 कच्ची बस्ती के लव-कुश मॉडल स्कूल में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। कैम्प प्रभारी रतनलाल जोशी ने बताया कि कच्ची बस्ती के लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रोगियों को निःशुल्क दवाई व औषधि वितरण की गई। इस कैम्प में राजकीय चिकित्सालय के डॉ. जयंत व्यास, मेल नर्स किसनाराम, होतीलाल, औषद्यालय स्टाफ महावीर प्रसाद शर्मा, श्रीमती राधा देवी व लव-कुश मॉडल स्कूल के व्यवस्थापक अश्विनी कुमार खुराना ने अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। पालिका अध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी व अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी ने बताया कि बुधवार को वार्ड नं. 1 स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में यह शिविर लगाया जाएगा।
व्यापार मण्डल के चुनाव में 8 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे
सूरतगढ, 25 मार्च। व्यापार मण्डल के चुनाव में नामांकन प्रस्तुत करने के अंतिम दिन पांच पदों के लिए 8 उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। इनमें उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष व सहसचिव पद पर एक-एक नामांकन पत्र प्रस्तुत होने के कारण इन तीनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मीनारायण मूंधडा ने बताया कि अध्यक्ष पद पर श्याम सुन्दर सारडा, भूपसिंह भादू व महेश कुमार सेखसरिया तथा सचिव पद के लिए सुरेन्द्र छाबडा व रायचंद डागा ने नामांकन दाखिल किये हैं। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर हरिकृष्ण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पद के लिए जयमलनाथ तंवर व सहसचिव हरिवंश पेडीवाल के एक-एक नामांकन ही प्राप्त हुए हैं। 26 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच व 27 को नामांकन पत्र वापसी लिए जा सकेंगे। इसके बाद आवश्यक होने पर 30 मार्च को मतदान करवाया जायेगा।
आपातकाल के दौरान जेलों में रहे नागरिकों को पेंशन देने की गुहार
सूरतगढ, 25 मार्च। आपातकाल के दौरान जेलों में रहे नागरिकों के राज्य सरकार से पेंशन देने की गुहार की है। वार्ड नं. 20 निवासी महावीर प्रसाद तिवाडी ने उपखण्ड अधिकारी के मार्फत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपातकाल का सक्रिय विरोध करने वाले नागरिकों को पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि 1 अप्रेल से लागु होने वाली पेंशन योजना में आपात काल के दौरान धारा 107, 151 व डीआईआर में बंदी बनाये गये लोगों को शामिल किया जाए।