सूरतगढ, (विकास यादव) बहुचर्चित रेणु सोनी दहेज हत्याकाण्ड के विरोध में मंगलवार को शहर बंद पूर्ण रूप से सफल रहा। बंद के दौरान मेडिकल स्टोर सहित पान की दुकानें बंद रहने से जनजीवन प्रभावित हुआ। इस बीच दो महिलाओं ने सुभाष चौक पर मरणव्रत शुरू कर दिया है। अनशन स्थल पर ही आक्रोशित लोगों ने पडाव डाल दिया है।
नागरिक संघर्ष समिति के आह्वान पर शहर बंद भावनात्मक रूप से लोगों ने स्वतः स्फूर्त दुकानें बंद रखकर आंदोलन को सफल बनाया। बंद के दौरान जहां तीन घंटे दवाइयों की दुकानें बंद रही वहीं सब्जीमण्डी थडी पर सामान बेचने वालों, पान खोखे वालों ने भी बंद का समर्थन किया। टैम्पो यूनियन ने भी इस बंद में टैम्पुओं का आवागमन ठप रखा। सुबह से ही संघर्ष समिति से जुडे लोग सुभाष चौक पर एकत्रित हुए और बंद को सफल बनाया। युवाओं की टोलियां बाजार में नारेबाजी के साथ घूमती रही। इसके बाद जुलूस उपखण्ड कार्यालय के समक्ष पहुंचा जहां हुई सभा को संघर्ष समिति के संयोजक व पालिकाध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, जिला प्रमुख पृथ्वीराज मील, पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पृथीपाल संधू, जनवादी महिला समिति की दुर्गा स्वामी, कांग्रेस नेता राजेन्द्र भादू, बलराम वर्मा, पार्षद मदन ओझा, भाजपा नेता जयप्रकाश सरावगी, डीवाईएफआई के सखी मोहम्मद, माकपा सचिव लक्ष्मण शर्मा, सखी मोहम्मद, महावीर भोजक, शिव सेना के उपजिला प्रमुख ओमप्रकाश राजपुरोहित, पूर्व उपप्रधान किशन गोदारा, महिला नेता बिमला शर्मा, वेदप्रकाश कडवासरा, पवन सोनी, कमल सचदेवा आदि ने सम्बोधित किया। वक्ताओं ने पुलिस प्रशासन की कडे शब्दों में भर्त्सना करते हुए आरोप लगाया कि जैक और चैक के दबाव के चलते पुलिस नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने की बजाय निर्दोष लोगों पर बेरहमी से लाठियां बरसाकर आंदोलन को कुचलने की साजिश कर रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि आंदोलन लगातार तेज किया जाएगा और रेणु के हत्यारों को सजा दिलवाकर ही शहरवासी दम लेंगे। कहा गया कि यह आंदोलन अब सरदारशहर व सूरतगढ तक सीमित न रहकर चूरू व श्रीगंगानगर जिलों में भी फैलाया जाएगा। इसके बाद चार सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। ज्ञापन में लाठी चार्ज की दोषी रतनगढ पुलिस उपाधीक्षक दीक्षा कामरा व सरदारशहर एसडीएम संजय जैन को निलम्बित करने, रेणु हत्याकाण्ड के सभी दोषियों को गिरफ्तार करने, लाठीचार्ज के बाद पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमा वापिस लेने और इस प्रकरण की जांच श्रीगंगानगर या हनुमानगढ जिले के किसी पुलिस अधिकारी से करवाने की मांग की गई है। तत्पश्चात जुलूस सुभाष चौक पहुंचा जहां भाजपा नेता श्रीमती राजेश सिडाना व रुकमणी नाथ को माला पहनाकर आमरण अनशन पर बैठाया गया। इन दोनों महिलाओं ने कहा कि वे आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगी। अनशन स्थल पर ही पडाव डाला गया है। उधर सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने भी पुख्ता बंदोबस्त कर रखे थे। एसडीएम कार्यालय के बाहर बेरीकेट्स लगाने के साथ बडी तादाद में पुलिस जवान (महिला-पुरुष) तैनात किये गये। रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश, उपाधीक्षक केसरीचंद जांदू, स्थानीय उपाधीक्षक नाजिम अली खान, थानाप्रभारी नन्दलाल सैनी, राजियासर प्रभारी देवेन्द्र प्रताप सिंह भी मुस्तैद रहे। अतिरिक्त कलेक्टर करणसिंह, उपखण्ड अधिकारी रामदेवसिंह बेनीवाल भी इस दौरान कानून व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। समिति के संयोजक श्री कुरैशी ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण का निर्णय समिति की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन आंदोलन को नजरअंदाज करने के बजाय मांगों पर गौर करे वरना इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड सकते हैं।