हनुमानगढ , २५ जून। लघु व मध्यम श्रेणी के कस्बों के समग्र विकास की योजना (आईडीएसएमटी) से सम्बन्धित बैठक सोमवार को जिला कलैक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलेक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा अधिशाषी अधिकारियों को वर्षा के बाद कच्ची बस्तियों का दौरा कर वहां के वाशिंदों की जल निकासी व अन्य समस्याओं को मौके पर जायजा लेने के साथ ही कच्ची बस्तियों में कैम्प लगाकर लोगों को चिकित्सा सुविधा दिलाने का कार्यक्रम बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्हने हनुमानगढ नगरपालिका क्षेत्र की तर्ज पर सभी नगरपालिकाओं में आम जन की साफ-सफाई से सम्बन्धित समस्याओं को दर्ज कर उनका निराकरण करने के लिए टॉल फ्री हैल्पलाईन आरम्भ करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। जिला कलेक्टर ने ने जिले के नगरपालिका क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के तहत जारी विकास कार्यो की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए अधिशाषी अधिकारियों को पूर्ण कार्यो के उपयोगिता व पूर्णता प्रमाण पत्र समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्हने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण नही करने वाले तथा निम्न स्तर का कार्य करने वालों को ‘‘ ब्लैक लिस्ट‘‘ करने पर उसकी सूचना सभी को प्रेषित करें ताकि उसे अन्यत्र भी कोई कार्य सुपर्द नही किया जाए। समेकित आवास एवं कच्ची बस्ती विकास योजना (आईडीएसएमटी) तथा यू.डी.आई.एस.एस.एम.टी. के तहत प्रोजेक्ट्स पर नगरपालिकाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले प्रेाजेक्ट की जानकारी लेते हुए जिला कलेक्टर ने ठोस कचरा प्रबंधन संयत्र के लिए भू-आवंटन, नगरपालिका क्षेत्र के शेष मतदान केन्द्रों पर रैम्प बनवाने तथा ‘‘ ऑपरेशन श्वान‘‘ को संचालित करने के लिए पशुपालन विभाग के उपनिदेशक केसाथ सामंजस्य स्थापित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व सुबह मौसमी बीमारियों , बिजली व पेयजल से सम्बन्धित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में भी जिला कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी को हनुमानगढ शहर की कच्ची बस्तियों में बारिश के बाद सम्भावित बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी के चिकित्सकों के साथ मिलकर एक संयुक्त स्वास्थ्य जॉच कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्हने राजकीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को भी इन शिविरों में अपने चिकित्सालय से कुछ समय के लिए डॉक्र्ट्स भेजने को कहा । उन्हने कहा कि इस स्वास्थ्य जांच कैम्प के तहत सात दिनों में समस्त कच्ची बस्तियों को कवर करके वहां के लोगों को राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वर्ष या अतिवृष्टि के बाद इस तरह की गतिविधियों का संचालन नियमित तौर पर होना चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में डीडीटी एवं मोबिल ऑयल के छिडकाव के भी निर्देश दिए। नगरपालिका द्वारा जिला मुख्यालय पर संचालित अक्षय कलेवा योजना की व्यवस्थाओं को दुरस्त करने की हिदायत देते हुए जिला कलेक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों को इस योजना का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी बैठक में सिंचित क्षेत्र विकास (सीएडी), विद्युत व पेयजल आदि सें सम्बन्धित समाधान के विभिन्न लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियन्ता को जिले में कहीं भी कार्यरत हैण्ड पम्पों की मरम्मत एवं रखरखाव करने के निर्देश दिए। इन बैठकों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) श्री हनुमान सिंह शेखावत, उपखण्ड अधिकारी श्री राजनारायण शर्मा, कोषाधिकारी श्री अरविन्द विश्नोई, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियन्ता श्री एल. के. चितलांगिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती सुशीला चौधरी, जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियन्ता श्री रामजीलाल मीणा सहित बीकानेर के उप नगर नियोजक व नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।