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| 05 December 2008 |
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क्षेत्र के विकास के लिए विभागीय गतिविधियों के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतें: कटारा डूंगरपुर,२५ जुलाई /प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री कनकमल कटारा बुधवार को स्थानीय जिला परिषद सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा स्वीकृत कार्यों की समीक्षा बैठक ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए कि विभागीय योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करें , पात्र लोगों को लाभान्वित कराने के प्रयासों में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनजाति अंचल के विकास के लिए सरकार ने दोनों विभागों के माध्यम से करोडों रूपयों के कार्यों व योजनाओं को स्वीकृत किया है ऐसे में विभागीय अधिकारियों का दायित्व होता है कि वे विभाग के माध्यम से स्वीकृत कार्यों से क्षेत्रवासियों को लाभान्वित करने के लिए त्वरित गति से संपादित करें ताकि सरकार की मंशाओं के अनुरूप स्वीकृत राशि का पूरा-पूरा उपयोग सुनिश्चित हो सके। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभाग की बाल विकास परियोजना अधिकारियों, महिला पर्यवेक्षकों को पाबन्द किया कि वे दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में विभाग के माध्यम से संचालित आंगनवाडी केन्द्रों को नियमित रूप से खोला जाना सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर यदि कोई कार्यकर्त्ता या सहयोगिनी कोताही बरतती है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जावें। कटारा ने प्रत्येक ब्लॉक में सहयोगिनियों के चयन के बारे में जानकारी ली और सहयोगिनियों के चयन में बरती जा रही शिथिलता पर रोष व्यक्त किया और कहा कि इस कार्य को प्राथमिकता से निबटावें और किसी भी विवाद की स्थिति में उच्चाधिकारियों को अवगत करावे। इस दौरान कलेक्टर नीरज के.पवन ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव को बढावा देने के लिए आशा सहयोगिनियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है और देखा जा रहा है कि जिले में इस कार्य को महिला एवं बाल विकास विभाग की कुछ सहयोगिनियां पूरी गंभीरता से नहीं कर रही है जो दुःखद है। उन्होंने उपनिदेशक उषा राव को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर समस्त कार्यकर्ताओं व सहयोगिनियों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पाबन्द करें व स्पष्ट दिशा निर्देश दें। इसी प्रकार टीएडी विभाग द्वारा स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री कटारा ने कार्यकारी ऐजेन्सियों द्वारा उपयोगिता और पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने में देरी करने के रवये के प्रति नाराजगी जताई और कहा कि क्षेत्रीय विकास की मंशा से वे विकास कार्यों को त्वरित गति से संपादित करावें। उन्होंने विकास कार्यों में पूरी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि सामुदायिक भवनों के निर्माण दौरान छतों के टपकने की शिकायतें आम है ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि भवनों के छतें पंचायत समितियों के कनिष्ठ अभियंताओं की उपस्थिति में भरवाई जावें। बैठक दौरान मंत्री कटारा ने कुछ विकास अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ नहीं आया देख निर्देश प्रदान किए कि वे समीक्षा बैठक में आने से पूर्व संबंधित विकास कार्यों का अपने स्तर पर जायजा लेवें और पूरी जानकारी के साथ बैठक में आवें। उन्हेांने पन्द्रह दिनों के भीतर दूसरी समीक्षा बैठक आहूत करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर जनजाति परियोजना अधिकारी टीआर जोशी ने विभागीय स्वीकृत और अपूर्ण कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक में जिला कलेक्टर नीरज के.पवन, एसीईओ बीएल राव, समस्त कार्यकारी ऐजेन्सियों के प्रतिनिधि, छात्रावास अधीक्षक और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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