डूंगरपुर २५ जुलाई/जनता और प्रशासन के बीच की दूरी समाप्त करने तथा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की जन समस्याओं को जानकर उनका त्वरित समाधान करने की दिशा में जिला कलेक्टर नीरज के पवन द्वारा चलाये जा रहे अनूठे कार्यक्रम ‘रात्रि चौपाल ‘ को लेकर जिले के ग्रामीणों में खासा उत्साह हैं। हर कोई इस चौपाल के माध्यम से अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखना चाहता है और मौके पर ही समाधान की दिशा में उठाए गए कदम पर संतुष्टि जाहिर करते हुए प्रशासनिक संवेदनशीलता की प्रशंसा किए बिना नहीं रहता।
जिला कलेक्टर अपने नियमित कार्यक्रम ‘रात्रि चौपाल‘ के माध्यम से मंगलवार देर शाम जिले के सागवाडा उपखण्ड अन्तर्गत सरोदा गांव में ग्रामीणों से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं को सना तथा मौके पर ही उनके समाधान की दिशा में उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये।
, जिला कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव को बढावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित जननी सुरक्षा योजना से अधिकाधिक पात्रों को लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने चौपाल में उपस्थित आशा सहयोगिनियों को इस हेतु निर्देशित किया कि वे इस योजना के माध्यम से प्रसव कराने वाली महिलाओं को इस संबंध में जानकारी दें और सनिश्चित करें कि किसी भी महिला का प्रसव अस्पताल के अतिरिक्त न हो। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भी यह आह्वान किया कि सरकार द्वारा जनता के कल्याण और उनके स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही योजनाओंं से लाभान्वित होवें। उन्होंने आशा सहयोगिनियों को परिवार नियोजन के कम से कम आठ केस प्रत्येक द्वारा लाए जाने हेतु भी पाबन्द किया।
इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और उपनिदेशक उषा राव को निर्देश दिए कि अगली चौपालों में पर्यवेक्षकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को पाबन्द करें। उन्होंने इस बात पर बेहद रोष व्यक्त किया कि गांव में ७ में से दो गर्भवती माताओं के प्रसव घरों में हुए। कलेक्टर ने इस प्रकार की स्थिति के लिए आईसीडीएस और चिकित्सा विभागीय कार्मिकों की शिथिलता को दोषी ठहराया और कहा कि इस प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने महिलाओं के आर्थिक कल्याण की दृष्टि से संचालित होने वाले स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाओं से भी संवाद किया और उनसे ग्रेडिंग, ऋण तथा ऋण राशि के उपयोग के बारे में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने ग्रामीणों से ही वहां के पटवारी और सचिव की कार्यशैली और नियमितता संबंधी फीडबैक लिया और लोगों की समस्याओं और शिकायतों को आमंत्रित किया।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीण से नामान्तरण, बंटवारा, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र आदि बनवाने के इच्छुक आशार्थियों से भी प्रकरण मांगे। वहीं पटवारी से इस संबंध में जानकारी भी ली।
कलेक्टर ने स्थानीय सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से भी आवश्यक जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि चिक्तिसालय में जननी सुरक्षा योजनान्तर्गत ८३ डिलीवरी करवाई गई हैं जिनमें से ६४ को भुगतान किया जा चुका है। चिकित्सक ने बताया कि इस वर्ष चिकित्सालय को परिवार नियोजन के आवंटित लक्ष्य १९४ के मुकाबले २४ पूर्ण हो चुके हैं। ग्रामीणों द्वारा इस दौरान एक स्वर में चिकित्सालय में रिक्त पडे विभिन्न स्तर के चिकित्सकों के ५ पद रिक्त होने एवं इस संबंध में कार्यवाही किये जाने हेतु निवेदन किया जिस पर कलेक्टर ने शीघ्र ही इस संबंध में वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने हेतु आश्वस्त किया। कलेक्टर ने चिकित्सक और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से क्षेत्र के समस्त विद्यालयों म माइक्रोन्युट्रीएण्ट के वितरण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सक को भी निर्देशित किया कि यथासंभव जेनेरीक दवाइयां ही प्रिस्क्राईब की जाएं।
चौपाल पर रसद विभागीय समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गांव के तीनों राशन डीलरों की उपस्थिति में ग्रामीणों से गेहूं आदि के वितरण के बारे में जानकारी ली। इस दौरान जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर ने बताया कि अन्नपूर्णा योजना का गेहूं सातों माहों का एक साथ शीघ्र ही वितरित किया जाएगा। रसद अधिकारी ने चौपाल में उपस्थित लोगों को राशन डीलर के माध्यम से विभिन्न योजनान्तर्गत आवंटित गेहूं के मूल्यों आदि के संबंध में जानकारी दी।
ग्रामीणों ने गैस की आपूर्ति के संबंध म अनियमितता की शिकायत करते हुए डीलर के व्यवहार पर आपत्ति की, साथ ही कतिपय ग्रामीणों ने गैस की मात्रा पर भी प्रश्न उठाया जिस पर कलेक्टर ने इसके लिए ग्राहक को स्वयं जागरूक रहना होगा। उन्हने ग्रामीणों से कहा कि गैस लेते समय हमेशा तौल कर ही लेवें तथा कम तौल होने पर तत्काल ही जिला प्रशासन को इस बाबत सूचित कर। उन्होंने उपस्थित प्रवर्तन निरीक्षक को भी इस संबंध में सक्रिय रहने को निर्देशित किया। गैस की अनियमित आपूर्ति की शिकायत पर कलेक्टर ने जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर को संबंधित गैस एजेन्सी को सरोदा में ७ तारीख को आपूर्ति दिनांक के रूप में निश्चित करवाने के निर्देश दिए।
जलदाय विभाग के कार्यो की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गांव में हेण्डपम्प योजना, पाईप योजना आदि के संबंध में विभाग के कनिष्ठ अभियंता से जवाब तलब किया। ग्रामीणों द्वारा गांव के सुथारवाडा, हनुमान चौक क्षेत्र में पानी की कम दबाव से आपूर्ति और अनियमितता की शिकायत की वही ग्रामीणों द्वारा सप्लाई हो रहे पानी की शुद्धता पर भी सवाल उठाया जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार व जेईएन सहित गांव के शंकर लाल पण्ड्या, कन्हैयालाल पण्ड्या व नितिन की एक समिति बनाकर इस संबंध में सर्वे कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु निर्देशित किया।
स्वच्छ परियोजना की समीक्षान्तर्गत जिला कलेक्टर ने खण्ड समन्व्यक धीरज जोशी से इस संबंध में प्रगति की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि गांव निर्मल ग्राम पुरूस्कार योजना हेतु चयनित किया गया है। कलेक्टर ने इस योजना के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी देते हुए यह आह्वान किया कि वे खुले में शौच जाकर बिमारियों को निमंत्रित करने के बजाय शौचालय निर्माण करावें। इस संबंध में कलेक्टर को अवगत कराया गया कि ग्राम सरोदा में सामुदायिक शौचालय के निर्माण की योजना हेतु अपेक्षित राशि पंचायत द्वारा जमा करा दी गई है। कलेक्टर ने ग्रामीणों को स्वच्छता अपनाने के लिए संकल्प भी दिलवाया।
गांव में सफाई एवं नाली व्यवस्था हेतु जिला कलेक्टर ने विकास अधिकारी एवं सरपंच को निर्देशित किया कि वे इस हेतु प्रभावी कदम उठाते हुए यथासंभव गांव में नालियों का निर्माण करवाएं। उन्होने डण्डीदार लोटों के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ रहना नितान्त आवश्यक है।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीणों द्वारा पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने की शिकायत की जिस पर जिला कलेक्टर ने सहायक अभियंता को तलब किया। कलेक्टर को अवगत कराया गया कि ग्राम में ६ घण्टे थ्री फेस विद्युत आपूर्ति हो रही है। अभियंता ने कुटीर ज्योति, राजीव गांधी बस्ती विद्युतीकरण योजना आदि के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि शीघ्र ही बीपीएल परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनक्शन भी दिया जा सकेगा।
लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान ग्रामीणाों ने बोडीगामा मार्ग अवरूद्ध होने की जानकारी दी। वहीं ग्रामीण द्वारा वरंसंग पुर पूल के संबंध में शिकायत की जिस पर कलेक्टर ने विभाग के एक्स ईएन को १५ दिनों में मार्ग सुचारू किये जाने हेतु पाबन्द किया। कलेक्टर ने घटिया सडक निर्माण की शिकायत पर कहा कि इस संबंध में जांच की जाएगी।
ग्रामीणों ने एक आयुर्वेदकर्मी सुमेरमल शाह की अनियमितता की शिकायत की जिस पर कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित कर्मचारी को पाबन्द किया साथ ही विभागाध्याक्ष को निर्देशित किया कि इस संबंध में दुबारा अनियमितता पर कलेक्टर को सूचित किया जाए।
चौपाल के दौरान कतिपय ग्रामीणों द्वारा पंचायत क्षेत्र में अतिक्रण की शिकायत की गई जिस पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को निर्देशित किया कि अतिक्रमण की जांच कर शीघ्र ही हटवाएं।
चौपाल में सरोदा लेम्प्स की ओर से २० कृषकों को १ लाख ९० हजार रूपयों के ऋण के चैकों का वितरण कलेक्टर और सागवाडा प्रधान आशा देवी डेण्डोर के हाथों किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने गांव के विद्यालय के बारे में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाचार्य हेमेन्द्र उपाध्याय से जानकारी ली। उन्होंने विद्यालयी व्यवस्थाओं के बारे में बताया। कलेक्टर ने विद्यालय की अवस्थिति और व्यवस्थाओं की तारीफ की।
चौपाल में सागवाडा उपखण्ड अधिकारी बी एल मीणा, रोजगार गारण्टी कार्यक्रम अधिकारी मदनलाल सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी शांतिलाल खराडी, सागवाडा प्रधान आशा डेण्डोर, तहसीलदार मणीलाल तिरगर, जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर, विकास अधिकारी उमाशंकर शर्मा, सरपंच शंकरलाल डोडियार, हेमेन्द्र उपाध्याय,योगेश आचार्य सहित जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। ...तुम्हारी हेण्डराईटिंग बहुत ही सुंदर है जिला कलेक्टर ने चौपाल के दौरान ग्रामीणों के प्रार्थना पत्रों को बडे ही ध्यान से पढा और उस पर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर एक प्रार्थना पत्र में अंकित सुन्दर हस्तलेख देखकर प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाए। उन्हने युवा हर्षद पण्ड्या द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र को पढकर कहा ‘ ...तुम्हारी हेण्डराईटिंग बहुत ही सुन्दर है...‘ । ...अब तो खुश सरोदा में कलेक्टर की चौपाल दौरान गांव के डायालाल पाटीदार ने शिकायत की कि अन्त्योदय योजना के तहत राशन वितरण नहीं किया गया है। इस पर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर से इस संबंध में जानकारी ली। माथुर ने बताया कि इस हेतु स्वीकृति जारी की जा चुकी है और पिछले सातों माहों का राशन एक साथ दिया जाएगा। इस पर कलेक्टर ने पुनः डायालाल की ओर मुखातिब होते हुए कहा ’’ अब तो खुश हो ना...?‘‘ तो उसने सहमति में सिर हिला दिया।