हनुमानगढ, २५ अगस्त । राज्य सरकार ने खनिज नीति १९९४ जिलों में प्रभावी अलग अलग प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर नए खनन पट्टो के आवंटन के सम्बन्ध में निर्देश जारी किए गए है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री आर.सी गुप्ता ने बताया कि राजस्व ग्रुप -६ विभाग द्वारा जारी परिपत्रा के अनुसार यदि खनन पट्टे के लिए आवेदित क्षेत्रा आंशिक अथवा पूर्ण रुप से चारागाह भूमि में आता है तो खनन पट्टो की स्वीकृति से पूर्व नियमानुसार चारागाह की अनापत्ति जिला कलक्टर कार्यालय से प्राप्त कि जाएगी। अन्य राजकीय भूमियों के खनन पट्टा आवंटन के प्रकरणों में खनन पटटा स्वीकृति के पश्चात स्वीकृति आदेश के साथ क्षेत्रा का नक्शा व राजस्व रिकार्ड की एक प्रति व राजस्व नक्शे पर आवंटित क्षेत्रा मार्क किया हुआ नक्शा संलग्न जिला कलक्टर एवं संभागीय आयुक्त को प्रेषित की जाएगी। ऐसे में जिला कलक्टर द्वारा ३० दिवस में स्वीकृति आदेश पर अन्तिम निर्णय लिया जाकर संबधित खनिज अभियन्ता तथा संभागीय आयुक्त को सूचित किया जाएगा। यदि उक्त अवधि में जिला कलक्टर द्वारा अन्तिम निर्णय नही लिया गया तो अगले तीस दिवस में संभागीय आयुक्त द्वारा अन्तिम निर्णय लिया जाकर खनिज अभियन्ता को सूचित करना आवश्यक होगा अन्यथा संबंघित खनिज अभियन्ता निश्चित समयावधि ६० दिवस के पश्चात यह मानकर जिला कलक्टर एवं संभागीय आयुक्त को किसी प्रकार की आपत्ति नही है संविदा का निष्पादन करने के लिए स्वतन्त्रा होंगे । इसी प्रकार नवीनीकरण के प्रकरणों में जिला कलक्टर एवं नए खनन पट्टो के आवंटन के सम्बन्ध में सभागीय आयुक्त से अनापत्ति लिए जाने की आवश्यकता नही होगी ।