अंधता निवारण पर आशा सहयोगिनियों को दी जानकारी
25 Aug
2008
बांसवाडा, जिला अंधता नियंत्रण समिति के तत्वावधान में बांसवाडा में सोमवार को कुशलबाग राजकीय उच्व्च प्राथमिक विद्यालय में एक दिवसीय आशा सहयोगिनी प्रशिक्षण हुआ। इसमें राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम की गतिविधियों एवं चिकित्सा विभागीय गतिविधियों पर जानकारी कार्यक्रम श्रीमती हेमलता जैन ने दी।
इसमें वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. सुशील मेहता ने नेत्रा सुरक्षा, नेत्रों की बनावट, मोतियाबिन्द, काला मोतिया, दृष्टि दोष, डायबिटिक रेटिनोपैथी, कॉर्नियल ब्लाइण्डनेस आदि की जानकारी दी।
कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती हेमलता जैन ने जिले में आयोजित होने वाले नेत्र शिविरों तथा चिकित्सकीय सुविधाओं, प्रचार-प्रसार कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समुदाय को तैयार करने, साझेदारी के तौर-तरीकों, रोगी तथा उनके परिवारवालों को निःशुल्क भोजन, यातायात, दवाइयां, चश्मे आदि पर जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यशाला में चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. रजनीकान्त मालोत ने विटामिन-ए कार्यक्रम में आम जन का योगदान प्राप्त करने के लिए अपील तथा महिला एवं बाल विकास कर्मियों के आत्मीय जुडाव, नेत्रदान के विभिन्न पहलुओं तथा इसमें जनभागीदारी आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नेत्र सहायक किशनचन्द धानका ने दृष्टि विकृति वाले व्यक्ति की पहचान, तीन अंगुलियों एवं ई-चार्ट के प्रयोग, मोतियाबिन्द के लक्षण और चिह्न तथा इसके ऑपरेशन के लाभ
नेत्र परीक्षक विनीत श्रीवास्तव ने सम्प्रेषण सामग्री का प्रभावशाली उपयोग, संवाद, ऑपरेशन पूर्व कार्यकर्ता की भूमिका, विटामिन-ए की कमी से होने वाले रोग, ऑपरेशन करा चुके रोगियों को सलाह, चश्मे का उपयोग आदि पर जानकारी दी।
इसमें बांसवाडा ऑप्टिकल एसोसिएशन की प्रभावी भागीदारी रही और इनके सदस्यों अभिनंदन जैन, चन्द्रप्रकाश, पंकज सेठ आदि ने सहयोग दिया। प्रशिक्षण कार्यशाला में तलवाडा ब्लॉक की १७५ आशा सहयोगिनियों ने हिस्सा लिया।
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