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एक और सुपर लक्जरी ट्रेन रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स दिसम्बर से पटरियों पर- पूनिया
25 Aug 2008

पैलेस ऑन व्हील्स की अपार सफलता और लोकप्रियता के बाद राजस्थान की दूसरी सुपर लक्जरी ट्रेन ’’रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स‘‘ के इस वर्ष के अंत में दिसम्बर माह में


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नई दिल्ली, पैलेस ऑन व्हील्स की अपार सफलता और लोकप्रियता के बाद राजस्थान की दूसरी सुपर लक्जरी ट्रेन ’’रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स‘‘ के इस वर्ष के अंत में दिसम्बर माह के प्रथम सप्ताह में पटरियों पर दौडने की आशा है।
यह घोषणा राजस्थान की पर्यटन राज्यमंत्री श्रीमती उषा पूनिया ने सोमवार को नई दिल्ली में की। उन्होंने बताया कि यह रेल विलासिता और सेवाओं के क्षेत्रा में नया आयाम स्थापित करेगी। नई ट्रेन का संचालन राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आर.टी.डी.सी.) और भारतीय रेल मिलकर करेंगे।
उन्होंने बताया कि नई ट्रेन के कोच चैन्नई में तैयार हो रहे हैं जहां से ये कोच आगामी अक्टूबर माह में दिल्ली पहच जाएगे और दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में यह नई शाही रेलगाडी औपचारिक रूप से चलने लगेगी। उन्होंने बताया कि नई शाही रेलगाडी से प्रति वर्ष १२ करोड रूपये का आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। नई ट्रेन के सुपर डीलक्स सुईट का किराया २००० अमेरिकन डॉलर करवाया जा रहा है। इसी प्रकार डीलक्स सेलून में सिंगल बर्थ के लिए १२०० और डबल बर्थ के लिए ८०० अमेरिकन डॉलर प्रति यात्री प्रति रात्रि किराया निर्धारित होगा।
श्रीमती पूनिया ने बताया कि वर्तमान में संचालित ’पैलेस ऑन व्हील्स‘ ट्रेन सन् २०१० तक बुक है। यह ट्रेन इस वर्ष ३ सितम्बर बुधवार से इस सीजन (सितम्बर २००८ से अप्रेल २००९) की यात्रा पर नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करेगी।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हुए पर्यटन विकास की चर्चा करते हुए श्रीमती पूनिया ने बताया कि राजस्थान में गत चार वर्षो में पर्यटकों के प्रदेश में आने की दृष्टि से १०० फीसदी बढोतरी हुई है। वर्ष २००३ में प्रदेश में आए ६.२९ लाख विदेशी पर्यटकों की तुलना में गत वर्ष २००७ में १४.०१ लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए। इसी प्रकार सन् २००३ में आए १२५.४० लाख घरेलू पर्यटकों के मुकाबले वर्ष २००७ में २५९.२१ लाख देशी पर्यटकों ने राजस्थान का भ्रमण किया। पर्यटकों के सर्वाधिक पसंद का ’दि गोल्डन ट्राॅयगल‘ (दिल्ली-जयपुर-आगरा) सर्किट में जयपुर भी शामिल है।
पर्यटन विकास के लिए किए गए प्रयासो की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जयपुर के सांगानेर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की हवाई पट्टी की लम्बाई ९ हजार फीट से बढाकर ११ हजार ५०० फीट तक किया जा रहा है। इसी प्रकार उदयपुर में प्रदेश का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बन कर तैयार हो रहा है।
राजस्थान की पर्यटन राज्यमंत्री सोमवार को नई दिल्ली में राजस्थान की दूसरी सुपर लक्जरी ट्रेन लाँच करने की घोषणा एवं पर्यटन विकास कार्यो की जानकारी देते हुए।श्रीमती पूनिया ने बताया कि प्रदेश में पर्यटकों की जबर्दस्त आवाजाही के मद्देनजर होटल्स में कमरों की उपलब्धता और अतिरिक्त पांच हजार कमरों की मांग की पूर्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग के पास हेरीटेज सम्पत्तियों और किलों की सूची उपलब्ध है जिन्हें ट्यूरिज्म यूनिट्स के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष २००७ में हुए रिसर्जेंट राजस्थान के अवसर पर जारी की गई नई ट्यूरिज्म पॉलिसी काफी लोकप्रिय हो रही है। इस पॉलिसी में निःशुल्क भूमि रूपांतरण, सरकारी भूमि को विशेष आरक्षित मूल्य पर आवंटित करना, एफ.ए.आर. में बढोतरी आदि कई रियायतें है। नई पॉलिसी में हॉटल्स के अलावा अन्य पर्यटन इकाईयों जैसे स्पा, वैलनेस सेंटर, गोल्फ अकादमियाँ, गोल्फ कोर्स के साथ कमरें और कैम्पिंग साइट्स आदि को भी शामिल किया गया है।
पर्यटन की नई योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रीमती पूनिया ने बताया कि हाल ही में जयपुर के पास आमेर किले में साउंड एंड लाईट शो शुरू किया गया है। इसी प्रकार स्र्पोट्स टूरिज्म, सम्पूर्ण स्वास्थ्य ट्यूरिज्म, फिल्म ट्यूरिज्म, एडवेंचर ट्यूरिज्म, चम्बल नदी में क्रुज, इको-ट्यूरिज्म और ग्रामीण ट्यूरिज्म ’राज ग्राम्या‘ आदि पर कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही डेजर्ट-सफारी भी शुरू करने का विचार है। जयपुर में हॉट एयर बेलूनिंग की लोकप्रियता के बाद अब इसे उदयपुर, जैसलमेर और बाडमेर आदि शहरों में भी शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गत वर्षो से प्रदेश की हेरीटेज सम्पदा के संरक्षण और विकास कार्यो को प्राथमिकता दी है। फलस्वरूप प्रदेश में संरक्षित स्मारकों की संख्या अब २९० तक पहच गई है। ऐतिहासिक स्मारकों वे संरक्षण पर ७० करोड रूपये व्यय किए जा चुके है। आमेर किले के विकास पर १५ करोड रूपये व्यय कर इसे जीवंत बनाया गया है। यह किला अब निजी क्षेत्रा के लोगों को भी किराए पर शादी आदि समारोह के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
श्रीमती पूनिया ने बताया कि गत वर्षो में ४० स्मारकों को संरक्षण कार्यो के लिए हाथ में लिया जा चुका है। राज्य सरकार की ’’एडोप्ट दि मोन्यूमेंट स्कीम‘‘ में भी ऐसे १४ स्मारकों को शामिल किया गया है। इन स्मारकों में निजी क्षेत्रा के सहयोग से संरक्षण और विकास के कार्य किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित ऐतिहासिक एलबर्ट हॉल म्यूजियम को करीब पांच करोड रूपये व्यय कर पुर्नउद्धार के बाद गत एक जुलाई से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न संग्रहालयों में रखी पुरा संपदाओं एवं प्राचीन ग्रंथों आदि का कम्प्यूटराईजेशन करवाया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पहली ’’राजस्थान हेरीटेज कर्न्जवेशन इंस्ट्ीट्यूट‘‘ की स्थापना की गई है। जयपुर  के पास आमेर में हाथी गांव के बाद कालबेलियाँ गांव भी बसाया जा रहा है।
इस अवसर पर पुरातत्व विभाग के निदेशक बी.एल.गुप्ता और आर.टी.डी.सी. के अधिशासी निदेशक श्री ओ.पी.यादव ने भी प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी।




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