जयपुर। सूरतगढ सुपर ताप बिजलीघर की नवनिर्मित छठी इकाई में उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। यह इकाई अभी 80 मेगावाट क्षमता से बिजली बना रही है और 250 मेगावाट की पूरी क्षमता से उत्पादन होने पर इससे प्रतिदिन 55 लाख यूनिट बिजली मिलने लगेगी।ऊर्जा मंत्री डा. जितेन्द्रसिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 1117 करोड रुपए की लागत से बनी छठी इकाई में कोयले से बिजली उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है और जल्दी ही पूरी क्षमता से उत्पादन प्रारंभ होने लगेगा। वे आज विद्युत भवन में बिजलीघरों के प्रभारियों की बैठक में राज्य में विद्युत उत्पादन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि नई इकाईयों को समय पर लाने के साथ ही विद्यमान इकाइयों को पूरी क्षमता पर चलाने के सभी उपाय किए जाएं। शाम को प्रमुख सचिव ऊर्जा श्रीमत पाण्डेय ने भी विद्युत गृह प्रभारियों सेबिजली उत्पादन की जानकारी ली।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तरी भारत में बरसात नहीं होने की स्थिति में विद्युत उत्पादन पूरी क्षमता से किया जाना जरूरी हो गया है जिससे किसानों को फसल बचाने के लिए पर्याप्त बिजली देने की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने नई इकाईयों की स्थापना के काम को गति देने के निर्देश भी दिए।डा. सिंह ने छबडा और सूरतगढ में सुपर क्रिटिकल ताप बिजलीघरों की स्थापना को मुख्यमंत्री गहलोत की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इनकी स्थापना के लिए कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए जिससे प्रदेश को विद्युत क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम जल्दी पूरा हो सके। उन्होंने सभी प्रभारियों से उनके बिजलीघरों में उत्पादन की विस्तार से जानकारी ली और इसमे आ रही समस्याओं के समाधान के निर्देश आला अधिकारियों को दिए।सिंहने बताया कि कोटा सुपर ताप बिजलीघर की 195 मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई में भी व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है और अभी यह इकाई 100 मेगावाट की क्षमता पर चल रही है। पूर्ण क्षमता पर चलने पर इससे 42 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों इकाईयों से प्रतिदिन 97 लाख यूनिट बिजली मिलने से प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति में अंतर काफी कम होगा।विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक डा. एस.के. कल्ला ने बताया किबारां जिले में छबडा ताप बिजलीघर की 250 मेगावाट क्षमता की पहली इकाई में भी सितंबर से व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि छबडा की पहली इकाई में पूरी क्षमता से बिजली बनने पर बिजली की उपलब्धता में 55 लाख यूनिट प्रतिदिन की बढोतरी होगी। समीक्षा बैठक में विद्युत प्रसारण निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रजत मिश्रा, विशिष्ठ सचिव ऊर्जा नरेशपाल गंगवार भी उपस्थित थे।