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बांसवाडा में गणेश प्रतिमाओं की विशाल शोभायात्रा ने श्रद्धा का ज्वार उमडाया
25 Sep 2007

डायलाब तालाब पर पसरा मेले का माहौल, विधिविधान से प्रतिमाओं का विसर्जन


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बांसवाडा, २५ सितम्बर/अनन्त चतुर्दशी का पर्व समूचे वागड अंचल में पारम्परिक श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान विष्णु की बहुविध उपासना के अनुष्ठान हुए तथा गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही पिछली गणेश चतुर्थी से चली आ रही गणेशोत्सव की धूम थम गई।
 बांसवाडा जिले के गांवों, कस्बों और शहरों में स्थापित हजारों गणेश प्रतिमाओं का मंगलवार को समीपवर्ती जलाशयों में विधि-विधान के साथ विसर्जन कर दिया गया।
 बांसवाडा जिला मुख्यालय पर बडी संख्या में गणेश प्रतिमाओं का पूरी श्रद्धा के साथ विसर्जन शहर के उत्तरी छोर पर अवस्थित डायलाब तालाब में कर किया गया।  हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और ’’गणपति बप्पा मोरिया....अगले बरस तू जल्दी आ...‘‘ के गगनभेदी उद्घोषों के बीच गणेश प्रतिमाओं का जल में विसर्जन किया गया।
 इससे पूर्व पूजा विधि हुई तथा विसर्जन मंत्रों का पाठ किया गया। डायलाब तालाब के इर्द-गिर्द और पाल पर मेले का माहौल छितराया रहा।
 दोपहर में शहर के त्रयम्बकेश्वर शिवालय से गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। इसमें आस-पास के कई गणेश मण्डलों द्वारा स्थापित प्रतिमाएं भी शुरू हुई। बैण्डबाजों, ड्रमों और ढोल-ढमाकों के गगनभेदी नादों, धर्म ध्वजाएं लिये भक्तों द्वारा जय-जयकारों   और भजन कीर्तनों भरे ओजपूर्ण आध्यात्मिक माहौल का दिग्दर्शन कराती गणेश विसर्जन यात्रा में शहर तथा आस-पास के इलाकों से आयी गणेश यात्राएं भी शामिल होती रहीं।
 श्रद्धालुओं ने ऊँट गाडयों, जीपों, लारियों तथा अन्य वाहनों पर गणेश प्रतिमाओं को रखा। क्षेत्र भर से हजारों की संख्या में जमा भक्तों की वजह से गणेश विसर्जन यात्रा का काफिला करीब तीन किलोमीटर लम्बाई तक पसरा रहा।
 पूरे जोश-खरोश में भरे गणेश भक्तों ने जमकर जयकारे लगाए, गणपति आवाहन मंत्रों का उच्चारण किया तथा एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। भक्तों ने माथे पर भगवे स्कार्फ बांधे तथा गले में इन्हें पहना।
 रास्ते भर गणपति विसर्जन जुलूस का स्वागत हुआ और शहरवासियों ने मंगलमूर्ति भगवान के विभिन्न स्वरूपों को निहारते हुए श्रद्धा निवेदित की।
 विसर्जन जुलूस डायलाब तालाब पहुंचा जहां एक-एक कर गणेश प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण ढंग से जल में विसर्जन किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी सहित अनेक जन प्रतिनिधि, जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।
 भजन लहरियों पर झूमते रहे श्रद्धालु
 गणेश विसर्जन यात्रा के अन्तर्गत विभिन्न गणेश मण्डलियों की गणपति प्रतिमाओं के साथ भजन मण्डलियां और सैकडों गणेश भक्त भी शामिल हुए। इस वजह से रास्ते भर भजन-कीर्तन, गणेश वन्दना और जयकारों की गूंज बनी रही।   लोकवाद्यों और तीव्र नाद वाले ढोलकों की थाप के बीच श्रद्धालु पूरे रास्ते नाचते-झूमते रहे।
 चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी भी विशाल शोभायात्रा में पूरे रास्ते शामिल रहे। उन्होंने भजन मण्डलियों के साथ भजन-कीर्तन किए। स्वयं भवानी जोशी ने भी गणेश वन्दना के पारम्परिक भजन गाकर आनन्द ला दिया।
 दूर्वा की माला चढायी
 भगवान गणेशजी को सर्वाधिक प्रिय वनस्पति के रूप में मशहूर दूर्वा (विशेष घास) की बनी मोटी माला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने पहनायी और गणेशजी के प्रति अनन्यश्रद्धा का इजहार किया। राज्यमंत्री ने त्रयम्बकेश्वर शिवालय परिसर में स्थापित गणेश प्रतिमा पर दूर्वा की यह माला चढायी।
 उल्लास का दरिया बहा
 गणेश भक्तों ने विसर्जन यात्रा में खूब गरबा नृत्य किए। क्रिकेट प्रेमियों ने क्रिकेट खेला। रास्ते में गणेश भक्तों को लड्डू भी खिलाये गये।




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