जयपुर, २५ अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने गुरुवार को यहां मुख्यमंत्री आवास पर वैट पर लिखी गई हिन्दी पुस्तक-राजस्थान मूल्य परिवर्धित कर प्रणाली, २००६ का विमोचन किया।
इस पुस्तक के लेखक जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष श्री एस.एन.गुप्ता, श्री रविन्द्र रानीवाला तथा श्री शंकर अग्रवाल हैं। पुस्तक में वैट के विश्लेषण, अधिनियम, नियम, कर दरों, फार्म, स्टॉक के मूल्यांकन आदि पर पहली बार सरल हिन्दी भाषा में जानकारी दी गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वास प्रकट किया कि इस प्रयास से वैट के विषय में बेहतर जानकारी सुलभ होगी। उन्होंने कहा कि इसे अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने वैट के विषय में गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी के प्रयासों से राजस्थान में इस विषय पर व्यापक स्तर पर जानकारी व्यापारियों, उपभोक्ताओं तक पहुंची। व्यापारियों के साथ समिति ने निरन्तर संवाद बनाये रखा। उन्होंने इस पुस्तक प्रकाशन को निजी-सार्वजनिक भागीदारी का एक अनुपम उदाहरण माना। उन्होंने कहा कि आप बिजली, पानी, कृषि, व्यवसाय के बारे में सकारात्मक सुझाव दें, हम उन पर अमल करेंगे।
श्रीमती राजे ने कहा कि वैट पर हमारी पहल, हमारे एक्ट की प्रशंसा केन्द्रीय स्तर से लेकर विभिन्न राज्यों द्वारा की जा रही है।
इससे पहले पुस्तक के लेखकत्रय में से जन अभाव अभियोग समिति के अध्यक्ष श्री एस.एन.गुप्ता ने बताया कि राज्य में एक अप्रेल, २००६ से वैट कानून लागू हुआ। इसकी जानकारी व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा १० हजार व्यापारियों से संभाग स्तर पर सम्पर्क किया। समिति ने सरकार को व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं से भी अवगत कराया जिस पर सरकार द्वारा उचित कदम भी उठाये गये।
श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में वैट पर लागू किये गये एक्ट की पूरे प्रदेश में प्रशंसा हुई है तथा इसे एक मॉडल एक्ट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैट को लेकर राज्य में किसी तरह की परेशानी इसलिए भी नहीं हुई कि इस पर व्यापार मण्डलों से सकारात्मक चर्चा हुई थी। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि हिन्दी में वैट पर पहली बार पुस्तक प्रकाशन से व्यापक स्तर तक इसकी जानकारी पहुंचेगी।
इस अवसर पर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के श्री के.एल. जैन, फोर्टी के अध्यक्ष श्री एस.एस. जैमिनी, उच्च स्तरीय समिति के सदस्यगण सर्वश्री सुनील कुमार, बी.एल.जोशी, रवि धारीवाल, घनश्याम कानूनगो सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।