बाघ बचाने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू
25 Oct
2007
डूंगरपुर में कलक्टर व एसपी ने हस्ताक्षर कर की अभियान की शुरूआत
डूंगरपुर २५ अक्टूबर/ विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यू डब्ल्यू एफ) द्वारा भारतीय बाघ को बचाने के लिए चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान का डूंगरपुर में जिला कलक्टर नीरज के.पवन और जिला पुलिस अधीक्षक विजेन्द्र झाला ने आगाज किया।
जिले में वन विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान की आज प्रातः कलक्टर पवन और एसपी झाला ने विशेष रूप से तैयार किए गए बैनर पर हस्ताक्षर कर शुरूआत की। इस मौके पर क्षेत्राीय वन अधिकारी ब्रजपालसिंह, सत्यनारायणसिंह, डीके तिवारी और वीरेन्द्रसिंह बेडसा ने अभियान के संबंध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि हस्ताक्षर अभियान में विशिष्ट व अतिविशिष्ट व्यक्तित्वों के साथ ही जनप्रतिनिधियों व विद्यार्थियों से बैनर पर हस्ताक्षर करवाये जायेंगे।
कलक्टर व एसपी ने बैनर पर वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जनजाग्रति पैदा करने की इस अनूठी अपील का समर्थन किया और अभियान की सफलता के लिए मंगलकामनाएं लिखी। उन्होंने भारतीय बाघ को बचाने के लिए विश्व प्रकृति निधि की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की और कहा कि अपने अस्तित्व के लिए संघर्षरत ऐसे वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उचित नीति निर्माण के साथ-साथ जन-जन में जागरूकता पैदा करने की तीव्रतर आवश्यकता है। इधर वन मण्डल डूंगरपुर के उप वन संरक्षक ओ सी चन्देल ने अपील की है कि विश्व प्रकृति निधि के हस्ताक्षर अभियान में अधिकाधिक हस्ताक्षर करें और अभियान को सफल बनावें।
बाघ की अनूठी अपील
विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यू डब्ल्यू एफ) द्वारा भारतीय बाघ को बचाने के लिए चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान के लिए तैयार किए गए बैनर पर बाघ की अनूठी अपील भी अंकित की गई है। इसमें बाघ की ओर से सजीव ग्रह के प्राणियों से अपील की गई है कि बाघ की खाल और हड्डियों को लालची शिकारियों से बचाने, भारत के जंगल जो कि बाघ का घर है को बचाने, बाघ के बचाव के लिए अनथक परिश्रम करने वालों को सशक्त करने के लिए त्वरित सहायता की आवश्यकता है। अपील में कहा गया है कि बैनर पर हस्ताक्षर कर नीति निर्माताओं को स्मरण करावे कि वे बाघ को जंगल में अन्य जीवों के साथ जीवित रहने में मदद करें। इस अपील के संबंध में वन विभाग द्वारा एक पेम्पलेट भी जारी किया गया है।
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