बीकानेर,२५ अक्टूबर। अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) राजेन्द्र मिश्रा ने बैंकों का स्वयं सहायता समूहों को ऋण सुलभ कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान केन्द्रीत करना चाहिए। इसके लिए नाबार्ड ऐसे प्रोजेक्ट तैयार करें,जिसमें प्रशिक्षण लेकर जीवनभर लोग रोजगार ले सके।
राजेन्द्र मिश्रा गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वयं सहायता समूहो की जिला स्तरीय कोर कमेटी तथा स्वर्ण जयन्ती ग्रामीण स्वरोजगार योजना एवं स्थायी समिति की बैठक में सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के तहत हुई प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह बनाने पर जोर देने के साथ ही उनकी गतिविधियों पर बराबर नजर रखनी चाहिए। इससे यह पता चलेगो कि वे कौन से कार्य में आसानी से दक्षता प्राप्त कर सकते है। उन्हने कहा कि जिन वस्तुओं की बाजार में मांग अधिक है,उनके प्रशिक्षण पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में ६ किलोमीटर के दायरे में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जाये ताकि महिला स्वयं सहायता समूह आसानी से इसमें शामिल हो सके।
स्वर्ण जयन्ती ग्रामीण स्वरोजगार योजना की समीक्षा के जिला परिषद के सहायक परियोजना अधिकारी जुगल सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहो एवं व्यक्ति स्वरोजगार योजना में साख-सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ४.५० लाख रूपये सुलभ कराये जाने है। अब तक विभिन्न बैंकों द्वारा १२८.७५ लाख रूपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। इसमें जिला परिषद की ४३.१६ रूपये का अनुदान शामिल है। उन्होंने बताया कि बैंकों ने व्यक्तिगत स्वरोजगार वालों के ८५१ आवेदन पत्रों में २८५.२४ लाख के विरूद्ध १६३ व्यक्तियों को ५२.९१ लाख रूपये की स्वीकृति जारी की है।
बैठक में प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना,स्वर्ण जयन्ती शहरी रोजगार योजना,पोप शहरी एवं ग्रामीण योजना,किसान के्रडिट तथा हस्तशिल्पी कार्ड योजना की समीक्षा के आगामी बैठक में सभी बैंक शाखा प्रबन्धक को उपस्थित रहने के निर्देश दिये गये। बैठक में अनुसूचित जाति जन जाति परियोजना प्रबन्धक प्रेम सुख बिशनोई,जिला उद्योग अधिकारी प्रेम सिंह राठौड,नाबार्ड प्रबन्धक जी.डी.मोगा,लीड बैंक प्रबन्धक राजेश्वर अरोडा व नगर परिषद आयुक्त मौलाबक्श ने योजनाओं में प्राप्त प्रगति की जानकारी दी।