हनुमानगढ , २५ अक्टूबर। जिले में नगरपालिकाओं में भूखण्डों की नीलामी व आवंटन के लम्बित प्रकरणों में दीपावली के अवसर पर विशेष योजना लॉच कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभांवित करने के लिए जिला कलक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने अधिशाषी अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए है। जिला कलैक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को लघु एवं मध्यम श्रेणी के कस्बों के समग्र विकास की योजना (आईडीएसएमटी) सिटी मॉनिटरिंग कमेटी तथा शहरी सौन्दर्यकरण से सम्बन्धित बैठकों की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर ने हनुमानगढ में ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य पालिकाओं में ऐसे लम्बित प्रकरणों पर शीघ्र कार्यवाही कर निस्तारण के लिए निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने नगरपालिकाओं में कच्ची बस्ती नियमन के लिए राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरुप सर्वे आदि की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिशाषी अधिकारियों को पूर्ण जिम्मेदारी व सजगता से कार्य करने, भ्रमित रिकार्ड नही प्रस्तुत करने तथा यूनिफॉर्म चैकलिस्ट बनाकर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्वे में स्थगन के प्रकरण, दोहरा अतिक्रमण, जोहड पायतन, वन क्षेत्र की भूमियों के अलावा हिस्ट्रीशीटर व सरकारी कार्मिकों के अतिक्रमणों को चिन्हित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि कच्ची बस्तियों पर जिन अतिक्रमणों का नियमन निर्घारित मापदण्डों के अनुरुप नही हो सकता उन्हें अलग से सूचीबद्ध करें। जिला कलक्टर ने इस कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि सर्वे के बाद नगरपालिकाओं को जनता, जनप्रतिनिधियों एवं सम्बन्धित व्यक्ति को यह बताने की स्थिति में होना चाहिए कि नियमन के लिए चिन्हित अतिक्रमणों तथा नियमन के अपात्र अतिक्रमणों का आधार क्या है।
जिला कलकटर ने नगरपालिका क्षेत्रों में अतिक्रमण के प्रकरण प्रकाश में आने पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी इसकी अनदेखी नही करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही के लिए सम्बन्धित अधिशाषी अधिकारी, निरीक्षक एवं कनिष्ठ अभियन्ता के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में संगरिया नगरपालिका के तहत यूडीआईएसएमटी, आईएचएसडीपी, व मिशन अनुपम योजना में पार्क सम्बन्धी कार्य की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने रतनपुरा मॉडल टाऊन विकास योजना के तहत कार्यो का भौतिक सत्यापन करवाने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल सप्लाई के कार्य में दुबारा निविदा जारी करने के कार्य में निर्देशों की समय पर पालना नही करने पर अधिशाषी अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
भादरा में (आईडीएसएमटी) योजना की भूमि पर २७ अतिक्रमणों की सूचना देते हुए अधिशाषी अधिकारी ने बैठक में बताया कि ये योजना बनाए जाने से पूर्व ही सम्बन्धित भूमि पर कईयों का अतिक्रमण था। इसे गम्भीरता से लेते हुए जिला कलकटर ने इस बात की जांच करने के निर्देश दिए कि ये योजना किस समय प्रस्तावित की गई व उस समय अधिशाषी अधिकारी के पद पर कौन कार्यरत था। रावतसर में ढाब से सम्बन्धित कार्यो का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त बताए गए कार्य को राष्ट्रीय आपदा कोष (सीआरएफ) के तहत प्रस्तावित नही कर अब ध्यान में लाने पर जिला कलक्टर ने अधिशाषी अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा नोहर में भादरा लिंक रोड पर आवासीय योजना की धीमी रफ्तार का कारण पूछते हुए उन्होंने अधिशाषी अधिकारी को व्यक्तिगत रुचि लेकर इसमें गति लाने के निर्देश दिए। पीलीबंगा में (आईडीएसएमटी) योजना के समाप्त हो जाने पर इस योजना में पालिका की ५२ लाख रुपए की राशि को वापस लेने तथा आरक्षित भूमि को डी-रिजर्व करवाने के लिए उन्होंने उच्च स्तर पर पत्र लिखकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा ।
बैठक में जिला कोषाधिकारी एवं नगरीय विकास शाखा के प्रभारी श्रीपी.सी.खन्ना, स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के जिला परियोजना अधिकारी श्री इन्दीवर दुबे, उप नगर नियोजक, बीकानेर श्री सुग्रीव सिंह, हनुमानगढ नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी श्री विजय सिंह शेखावत, रावतसर के अधिशाषी अधिकारी पृथ्वीराज जाखड, नोहर के अधिशाषी अधिकारी श्री सुभाष गोदारा व सहायक अभियन्ता श्री सुभाष बंसल सहित विभिन्न कार्मिक मौजूद थे।