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बांसवाडा में दत्त जयन्ती पर संगोष्ठी एवं दो दिवसीय दत्त साधना कार्यक्रम
25 Dec 2007

गायत्री मण्डल के संरक्षक एवं जाने-माने प्राच्यविद्यामर्मज्ञ ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल ने कहा है कि दत्त भगवान की उपासना से मनुष्य की सभी प्रकार की कामनाएं शीघ्र पूर्ण हो जाती हैं


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Pelagian's e-Dictionary : Hindi to English and Enlgish Dictionary

बांसवाडा, २५ दिसम्बर/ गायत्री मण्डल के संरक्षक एवं जाने-माने प्राच्यविद्यामर्मज्ञ ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल ने कहा है कि दत्त भगवान की उपासना से मनुष्य की सभी प्रकार की कामनाएं शीघ्र पूर्ण हो जाती हैं और ज्यादा साधना की जाए तो भगवान दत्तात्रेय से साक्षात्कार भी सहज ही संभव है।
ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल ने यह उद्गार दत्तात्रेय जयन्ती के उपलक्ष में प्राच्यविद्या शोध संस्थान के तत्वावधान में वनेश्वर के समीप गायत्री मण्डल परिसर में आयोजित दो दिवसीय दत्त जयन्ती समारोह में सोमवार राज मुख्य अतिथि पद से व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भगवान दत्तात्रैय स्मतृगामी देव हैं जो स्मरण करते ही पहुंच जाते हैं। भक्तों के स्मरण मात्र से उपस्थित होकर तुरन्त फल देते हैं तथा पीडाओं और दुःखों को दूर करते हैं। उनके अन्य अवतार भी हुए हैं जिनका गुरु चरित्र में वर्णन मिलता है।
उन्होंने दत्त भगवान की उपासना के विभिन्न प्रकारों और साधना पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि इस दृष्टि से गुरु लीलामृत के पाठ सप्ताह का प्रयोग श्रीमद्भागवत के बराबर मान्यता रखता है। इसके पाठ गुजरात एवं महाराष्ट्र में आज भी भक्तों द्वारा किए जाते हैं और इनसे उनकी मनोकामनाएं  पूर्ण होती रही हैं। इसी प्रकार भगवान दत्तात्रेय की साधना में दत्त बावनी अति लोकप्रिय है जिसमें सभी अवतारों का वर्णन है। दत्त बावनी के प्रति गुरुवार को ५२ करने से भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। इसके पाठ का ही प्रभाव है कि आज भी प्रत्येक गुरुवार को हजारों दत्त साधक दत्त बावनी के पाठ करते ह। गुजरात और महाराष्ट्र में इसका प्रचलन खूब ज्यादा है।
ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल ने दत्तात्रेय के प्राकट्य तथा भगवद अवतार रूप में प्रसिद्ध उनकी लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया और कहा कि दत्त उपासना का अवलंबन साधक को सर्वार्थ सिद्धियों का स्वामी बना सकता है। विभिन्न तंत्र-मंत्र उपासनाओं में सर्वप्रथम भगवान दत्तात्रेय का स्मरण कर उनका मंत्र जपने का विधान है। ऐसा करने से भगवान दत्तात्रेय सूक्ष्म रूप में साधक को निर्देशित करते हैं और साधना में सफलता के लिए पग-पग पर आशीर्वाद प्रदान करते ह।
संगोष्ठी में कन्हैयालाल जोशी, विद्यासागर शुक्ल, देवेन्द्र शुक्ल, ललित कुमार आचार्य, विनय भट्ट, देवेन्द्र शुक्ल, अशोक पाठक, सत्यनारायण त्रिवेदी, राजेन्द्र त्रिवेदी, नरेन्द्र आचार्य, जोशी गिरीश शास्त्री महाराज आदि ने विचार रखे।
बांसवाडा में बनेगा दत्तात्रेय मन्दिर
ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल ने बताया कि गायत्री मण्डल वनेश्वर शिवालय के समीप अपनी भूमि में भगवान दत्तात्रेय मन्दिर बनाएगा। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना हाथ में ली जा रही है।
 महिला मण्डल ने किया दत्त बावनी सामूहिक पाठानुष्ठान
दत्तात्रेय जयन्ती के दो दिवसीय साधना कार्यक्रम के अन्तर्गत सोमवार रात दत्तात्रेय भगवान की साधना करने वाली महिलाओं के मण्डल द्वारा क्षेत्रपाल इलाके में भगवान दत्तात्रेय की पूजा-अर्चना के बाद सामूहिक रूप से लोक प्रचलित दत्त बावनी के ५२ पाठ किए गए। यह अनुष्ठान श्रीमती कमला देवी शुक्ला के सान्निध्य में श्रीमती रंजना शुक्ला, श्रीमती जयसिद्धि पाठक तथा श्रीमती नयनतारा पाठक के नेतृत्व में हुआ।
इसमें दत्त साधिकाओं विजयलक्ष्मी शुक्ला, वनिता पाठक, दिव्या शुक्ला, सावित्री बाई, इन्दिरा चौबीसा, मंजुला भट्ट, माया भट्ट, निशा व्यास, दीक्षा चौबीसा, हेमा व्यास, देवबाला पाठक, भावना पाठक, प्रतिभा पाठक, जशोदा पाठक, अन्नपूर्णा जोशी, सत्यवती त्रिवेदी आदि साधिकाओं द्वारा किया गया।
पाठ अनुष्ठान के बाद भगवान दत्तात्रेय की आरती की गई और वाद्ययंत्रें की संगत के साथ महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए।




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