नागौर (शरद टाक) नागौर जिलें में बी.पी.एल परिवार के चयन में सरकारी कर्मचारियों ने कितनी ईमानदारी से कार्य किया उसकी ओर ध्यान आर्क षित किया मेडता निवासी मुकेश प्रजापत एवं विजयसिंह राठौड ने मंगलवार को सुबह 11 बजे यह दोनों युवक समाचार पत्रों के कार्यालय में आये और राजस्थान से छपने वाले एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र की दिनांक 24 फरवरी नागौर संस्क रण की प्रति साथ में लेकर आये। इस संस्करण में रोल गांव में दिनांक 23 फरवरी को आयोजित रोजगार गारन्टी योजना के तहत जोबकोर्ड बनाने के लिए फोटोग्राफी शिविर लगाया। इस शिविर में एक महिला रोजगार गारन्टी योजना के तहत अपने लिए जोबकार्ड बनाने के फोटो ग्राफी करवाने के लिए अपने पति के साथ केम्प आई। उक्त महिला के गले में छः तोला का सोने का टेवटा पहने हुए था जो समाचार पत्र में प्रकाशित तस्वीर में साफ दिख रहा था। इन दोनों युवको ने सरकारी कर्मचारियों के काम काज की कडी निदंा करते हुए कहा कि किस तरह से पैसे वाले लोगों का चयन गरीब परिवार की सूची कर बी.पी.एल परिवार बना दिया । दूसरे में जिले में ऐसे सैकडों में परिवार जिनकें रहने के लिए स्वयं का मकान नहीं है खाने के लिए दो जून रोटी नहीं है तन ढकने कों पर्याप्त कपडा नहीं है। ऐसे परिवार के पास सोने आभूषण के स्थान पर पहनने के लिए कानों एवं नीम की सिली गले खोटे आभूषण है। उनका बी.पी.एल परिवार में चयन नहीं किया गया। बल्कि ऐसे लोगो का चयन किया जो पैसे वाली की लाइन में आते है। मुकेश प्रजापत एंव विजयसिंह राठौड ने नागौर की जिला कलेक्ट्रेट से रोल परिवार में रोजगार गारंटी योजना के तहत हुई फोटोग्राफी में बीपीएल परिवारों की जांच करवाने की निष्पक्ष मांग की ताकि गरीब लोगों का हक असली लोगों को मिल सके। इस मामले में मेडता भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष शिवराज चौहान ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर रोल गांव में हुये रोजगार गारंटी योजना के तहत शिविर में हुई फोटो ग्राफी की जांच करवाकर सही लोगों को रोजगार मिले ऐसी व्यवस्था करनी की मांग की ।