जैसी की उम्मीद थी हुआ भी वैसा ही। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्री ने महंगाई बढने की बात कही थी, उसे आम बजट में कर दिखाया। पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर महंगाई का और बोझ डाल दिया गया है। वित्त मंत्री ने साल 2010-11 के बजट में पेट्रोल, डीजल में एक्साइज ड्यूटी बढाने की घोषणा कर दी। इससे पेट्रोल के दाम आज रात से दिल्ली में 2.67 पैसे प्रति लीटर और व डीजल के दाम में 2.58 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी हो जाएगी। जाहिर है इससे आम जरूरत की वस्तुओं के दाम में अपने आप बढोतरी हो जाएगी। हालांकि सरकार ने मध्यम वर्ग व सरकारी कर्मचारियों को खुश करने के लिए आयकर की सीमा में अलग अलग स्लैब बनाकर राहत देने की कोशिश की गई है। अब पांच लाख की आय तक तक मात्र 10 फीसदी ही टैक्स चुकाना होगा। किसानों को पर विशेष ध्यान देते हुए उनको दी गई कर्ज की सीमा में छूट को बढाया गया है। उद्योग जगत पर भी मेहरबानी दिखाते हुए किसी तरह का नया कर नहीं लगाया गया है। सिगरेट, बीडी, सोना, कारें महंगी
प्रणव ने तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढाने की घोषणा की। इससे सिगरेट, पान, बीडी, गुटखा व सिगार के दाम बढ जाएंगे। सीमेंट, स्टील पर भी एक्साइज ड्यूटी बढा दी गई। इससे कारें महंगी होगी। सोने पर आयात कर बढा दिया गया है। इससे सोना और जवाहरात और महंगे होंगे। प्लेटिनम पर भी आयात कर बढा दिया गया है। सभी तरह के खिलौने, माइक्रोवेव और वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहन बहुत सस्ते महंगे होंगे। टायर और रबर की चीजें भी सस्ती होगी। प्रणव ने कहा कि उद्योगों को जो राहत पैकेज दिए गए थे उन पर फिर से विचार किए जाने की जरूरत है। राहत पैकेज धीरे धीरे हटाए जाएंगे। रिकवरी का दायरा बढाना भी जरूरी है। उंची जीडीपी ग्र्रोथ हासिल करना पहली चुनौती है। जीडीपी 10 फीसदी तर ले जाने की जरूरत है। राजस्व घाटा हर हाल में कम करना होगा। सरकार कर्ज घटना की पूरी कोशिश करेगी। प्रशासनिक कमजोरियों को दूर करना होगा। वित्तीय प्रणाली को सुधारेंगे। जीएसटी एक अप्रेल 2011 से लागू करने पर विचार किया जाएगा। टैक्स रियायतों से सरकार पर 26 हजार करोड का बोझ बढा है।