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| 02 December 2008 |
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बीकानेर, २६ जून। अतिरिक्त जिला कलेक्टर, (नगर) श्री हनुमान सिंह शेखावत ने कहा है कि नशीली दवाइयों और धूम्रपान के खिलाफ सभी को मिलकर जंग लडनी होगी। वे मंगलवार को यहां कलेक्ट्री में ‘अन्तर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ मुक्ति एवं तस्करी विरोधी दिवस‘ पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अवैध नशीली दवाइयां खरीदना-बेचना व अपने पास रखना कानूनी अपराध है। शेखावत ने कहा कि नशीली दवाइयों के सेवन से हमें और हमारी पीढी को बचाना होगा। हशीश, भांग, गांजा, हीरोइन,अफीम, मारिजुआना, स्मक,एल.एस.डी. ब्राउन शूगर, कोकीन आदि सभी नशीली दवाइयां है। इनका सेवन करने पर स्वास्थ्य खराब होने और धन अपव्यय होने के साथ-साथ दुर्घटना तथा अधिक खुराक लेने से व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है। अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) श्री राजेन्द्र मिश्रा ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रा में गुटखा व बीडी,सिगरेट का बडी संख्या में प्रचलन है, इस बुराई को रोकने के लिए लोगों में जागृति लानी होगी। उन्होंने कहा कि मादक नशीले पदार्थों से होने वाले नुकशान और कुपरिणामों के बारे में स्कूलों,कॉलेजों में विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी देनी होगी। सार्वजनिक स्थलों, स्टेशन, बस स्टैण्ड आदि स्थानों पर पोस्टरों के माध्यम से जानकारी करवानी होगी। नशा मुक्ति केन्द्र एवं पुनर्वास केन्द्र के सचिव टी.आर. भारद्वाज ने कहा कि कुछ गाव को चिन्हित कर वहां जन सहयोग से शिविर लगाकर नशा मुक्ति के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि नशीली दवाइयों का व्यापार करना व व्यक्तिगत उपयोग के लिए अपने पास रखना कानूनी अपराध है। एन.डी.एस.एक्ट १९८५ के तहत इसमें सजा का भी प्रावद्यान है। इस मौके पर बताया गया कि व्यक्तिगत उपयोग के लिए कम मात्राा में नशीली दवा रखने पर छह माह से एक वर्ष तक की सजा या जुर्माना अथवा दोनों ही हो सकते हैं। कोई व्यक्ति यदि वर्जित नशीली दवाइयों, पदार्थों का चाहे उपज,उत्पादन, जमा खोरी, यातायात, आयात-निर्यात, सहायता-साजिश के संबंध में लिप्त पाए जाने वालों पर पहली बार पकडे जाने पर न्यूनतम दस वर्ष की सजा व एक लाख रुपए का जुर्माना, अधिकतम सजा २० वर्ष व २ लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार पकडे जाने पर न्यूनतम १५ वर्ष की तथा अधिकतम सजा ३० वर्ष व न्यूनतम डेढ लाख रुपये तथा अधिकतम तीन लाख का जुर्माना हो सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. नृसिंह बिट्ठू ने नशा करने से स्वास्थ्य पर पडने वाले कुप्रभावों, नशीली दवाइयों का सेवन करने वालों के लक्षण व पहचान आदि के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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