जयपुर। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री ललित कोठारी ने रेजीडेंट डॉक्टर्स की अन्य राज्यों के समान मानदेय बढाने की मांग को लेकर उनके प्रतिनिधियों से हुई वार्ता में सहानुभूति पूर्वक विचार कर 7 अगस्त से पूर्व निर्णय लिए जाने के आश्वासन के बावजूद रेजीडेंट डॉक्टर्स के सामूहिक रूप से अवकाश पर चले जाने को अनुचित बताया है। श्री कोठारी ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टर्स की मांगों के संबंध में अन्य राज्यों से उनके यहां दिए जा रहे मानदेय की प्रतियां प्राप्त की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं वरिष्ठ लेखाधिकारी सदस्य होंगे। यह कमेटी राज्य में दिए जा रहे मानदेय एवं अन्य राज्यों मे दिए जा रहे मानदेय का परीक्षण कर 7 अगस्त से पूर्व अपने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग से आवश्यक कार्यवाही कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि रेजीडट डॉक्टर्स के मानदेय में राज्य सरकार ने 23 सितंबर 2008 को एक आदेश जारी कर 1 जनवरी 2008 से मानदेय में करीब 10 हजार रुपए तक की बढोतरी की है, जिसके एरियर का भुगातान भी किया जा चुका है।
स्वास्थ्य भवन में इस संबंध में रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें रेजीडेंट डॉक्टर्स के अचानक हडताल पर चले जाने पर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलाए रखने के लिए विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने रेजीडेंट डॉक्टर्स के अचानक हडताल पर चले जाने पर मरीजों की चिकित्सा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी कर ली है। इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं होंगी। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि जयपुर सहित राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज से संबद्घ चिकित्सालयों में मरीजों की देखभाल के लिए आचार्य एवं सहआचार्य के अतिरिक्त चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से की गई है। उन्होंने बताया कि सवाई मानसिंह चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग के 50 चिकित्सकों ने अपनी उपस्थिति भी दे दी है। अन्य मेडिकल कॉलेजों से संबद्घ चिकित्सालयों में भी चिकित्सकों ने उपस्थिति दे दी है।प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री आर.के. मीणा ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मेडिकल कॉलेज से संबंध चिकित्सालयों में चिकित्सकों की व्यवस्था के लिए संभागीय संयुक्त निदेशकों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे मांग के अनुरूप तत्काल चिकित्सकों की व्यवस्था कराएं। बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।