नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल का बीकानेर आगमन पर व्यापार मंडल के ज्ञापन को पढने के बाद अगले 6 माह में बीकानेर को हवाई मार्ग से जोडने का आश्वासन दिया है।
बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के एक प्रतिनिधि मंडल ने नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल का बीकानेर आगमन पर नाल हवाई अडडे पर स्वागत किया। प्रफुल्ल पटेल के आज बीकानेर आने पर व्यापार मंडल एसोसियेशन के बैनर तले बीकानेर उद्यमियों ने यहां से शीघ्र ही नागरिक हवाई सेवाओं की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में मंडल संरक्षक भंवरलाल कोठारी, अध्यक्ष सुभाष चन्द मित्तल, महामंत्री दिलीप कुमार पारिख उपाध्यक्ष श्रीधर शर्मा बीकानेर होटल व्यवसाय संघ के कोषाध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल आदि उद्योगपति व व्यापारी शामिल थे।
बीकानेर के औद्योगिक व्यापारिक व पर्यटन के विकास को बढावा प्रदान करने हेतु बीकानेर को अन्य शहरों से हवाई मार्ग से जोडने हेतु एक ज्ञापन प्रस्स्तु किया जिसमें उन्होने पटेल का अवगत करवाते हुए आने झीलों की नगरी उदयपुर में अपनी पुत्री के विवाह के अवसर दिये बयान तथा पूर्व पत्र व्यवहार के आधार पर शीघ्र ही बीकानेर, कोटा व किशनगढ में भी नियमित हवाई सेवा शुरू की जायेगी।
उन्होने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से बीकानेर राजस्थान के बडे शहरों में प्रथम स्थान पर है और यहां पर अनेकों ऐतिहासिक महत्व के दर्शनीय स्थल है जिन्हें देखने के लिए सारे विश्व से पर्यटक यहां आते है। साथ ही बीकानेर जिले में खनिज व लवण के प्रचुर भंडार है। बीकानेर से जिप्सम, बालक्ले, प्लास्टर ऑफ पेरिस, ऊन, मुंगफली, ग्वारगम, पापड भुजिया, रसगुल्ला पुरे भारत वर्ष को भेजे जाते है। इन वस्तुओं के कुल उत्पादन का 80 से 90 प्रतिशत के भण्डार यहां उपलब्ध है।
बीकानेर में औद्योगिक विकास की विपुल संभावनाएं है विशेषकर खाद्य प्रसंकरण दुध आधारित उद्योग, ऊन व तेल आधारित उद्योग तथा सिरेमिक्स व प्लास्टर ऑफ पेरिस आधारित बडे उद्योगों को लगाये जाने की। लेकिन प्रदेश के एक कोने में स्थित इस संभाग में हवाई सेवा न होने के कारण बडे उद्योग व सरकार के बडे विभाग यहां नहीं स्थापित नहीं हो रहे है।
वर्तमान समय में आबादी के साथ बीकानेर के ऐतिहासिक व दर्शनिक स्थलों को देखने को पर्यटकों की संख्या लगतार बढती जा रही है। सरकारी आंकडों के अनुसार वर्ष 2006 में जहां पर्यटकों की संख्या लगभग 32676 थी वहीं वर्ष 2007 के अंत तक यह संख्या लगभग बढकर 52000 हो गई है। अतः सडक यातायात का दबाव कम करने एवं बीकानेर के पर्यटन उद्योग को ओर बढावा देने के लिए क्षेत्रिय व राज्य स्तर पर हवाई सेवा शुरू करना आवश्यक हैं।
पाकिस्तान की सीमा पर स्थित होने के कारण बीकानेर में अनेकों वर्षो से वायुसेना का एयरपोर्ट शहर से 7 किलोमीटर दूर नाल में स्थित है। नाल एयरपोर्ट में वायु सेना की व नागरिक उड्डयन के लिए अगल से हवाई पट्टियों की व्यवस्था है। इसकी आपको जानकारी होगी। वायुसेना के अलावा मंत्रियों व अन्यों द्वारा चार्टर पर लिये वायुयान यहां नियमित आते है।
बीकानेर संभाग के लाखों नागरिक आजिवीका कमाने हेतु कलकता, आसाम, सुरत व मुम्बई में बसे हुए है। जिसमें अधिकतम व्यापार, उद्योग तथा आईटी जगत से जुडे हुए है वे बीकानेर बार बार आते रहते है। लेकिन हवाई सेवा की सुविधा न होने के कारण उन्हें तकलीफ होती है।
बीकानेर में अनेकों सरकारी मुख्यालयों विश्व विद्यालय, अभियांत्रिकी महाविद्यालय, वेटरनरी कॉलेज व वायु सेवा व थल सेवा व प्रशासनिक अधिकारियों सहित 600 अधिकारी सरकारी खर्च पर हवाई यात्रा के लिए अधिकृत है।
नागरिक उडडयन मंत्री ने व्यापार मंडल के दिये ज्ञापन को पढने के बाद अगले 6 माह में बीकानेर को हवाई मार्ग से जोडने का दिया आश्वासन दिया है।