जयपुर। ऊर्जा मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने जैसलमेर जिले में रामगढ गैस ताप बिजलीघर के विस्तार कार्यक्रम को तेजी से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। इस बिजलीघर में दो नई इकाइयों की स्थापना ढाई साल में किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिनकी क्षमता 160 मेगावाट होगी। डा. सिंह ने रामगढ ताप बिजलीघर के विस्तार कार्यक्रम को गति देने के लिए बुधवार को भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के अतिरिक्त महाप्रबंधक राजीव चावला से बातचीत की जो आज परियोजना के काम पर चर्चा के लिए अपने साथियों के साथ जयपुर आए हुए थे। ऊर्जा मंत्री के अतिरिक्त भेल के कार्यकारी दल ने विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डा. एस.के. कल्ला और अन्य अधिकारियों से भी विचार विमर्श किया। इस दौरान परियोजना की सलाहकार कंपनी मेनटेक के वैंकटेश्वर भी मौजूद थे। सिंह ने बताया कि इन दोनों इकाइयों के लिए गैस आपूर्ति का करार पिछले दिनों मुख्यमंत्री गहलोत की उपस्थिति में गेल से हो चुका है जिसके तहत फोकस एनर्जी की गैस निर्धारित समय पर मिलने लगेगी। सिंह ने भेल के अधिकारियों से आग्रह किया कि इस बिजलीघर की दोनों इकाईयों को निर्घारित लक्ष्य के अनुसार स्थापित करने के लिए प्रांरभ से ही समयबद्घ कार्यक्रम सुनिश्चित करे जिससे 2011 के अंत तक इनमे विद्युत उत्पादन प्रारंभ किया जा सके। 640 करोड रुपए की लागत से बनने वाली इन इकाइयों में से पहली इकाई को नवंबर, 2011 में सिंक्रोनाइज करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन इकाइयों की स्थापना के बाद रामगढ बिजलीघर की क्षमता बढकर 270 मेगावाट हो जाएगी। इकाइयों की स्थापना के लिए भेल को कार्यादेश दिया जा चुका है। डा. सिंह ने भेल के अधिकारियों से छबडा ताप बिजलीघर की तीसरी व चौथी इकाइयों के निर्माण को भी निर्धारित समय पर पूरा करने का आग्रह किया। प्रत्त्येक 250 मेगावाट क्षमता की इन इकाइयों से भी 2011 के अंत तक विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।