बीकानेर,। बागवानी में प्लास्टिक के उपयोग संबंधी राष्ट्रीय समिति, कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय सूक्ष्म सिंचाई पर अधिकारी स्तर का प्रशिक्षण बुधवार से कृषि अनुसंधान केन्द्र बीकानेर में शुरू हु आ। यह जानकारी देते हुए सुनियोजित खेती विकास केन्द्र के प्रधान अन्वेषक इंजीनियर जितेन्द्र गौड. ने बताया कि प्रशिक्षण मे जालौर, झुंझनूं, पाली, सवाई माधोपुर व बीकानेर के 23 अधिकारी हिस्सा ले रहे है। गौड ने बताया कि राजस्थान में ड्रीप तथा माइक्रो एवं मिनी स्प्रिंकलर का उपयोग प्रतिवर्ष बढ रहा है। इसके मध्य नजर इन स्तम्भ की सही स्थापना एवं भौतिक सत्यापन के लिए अधिकारियों का तकनीकी रूप से ज्ञानवर्द्धन जरूरी है। सुनियोजित खेती विकास केन्द्र, बीकानेर को सम्पूर्ण राजस्थान में तकनीकी मार्गदर्शन के लिए नोडल सेंटर नियत कर, इस कार्य को आगे बढाया जा रहा है। प्रशिक्षण में अधिकारियों को ड्रीप सिस्टम की क्षमता का निर्धारण, फिल्टर का चुनाव,पी.वी.सी. पाइपों की गुणवता की जांच तथा वेनचूरी के उपयोग द्वारा उर्वरीकरण की जानकारी दी गई। अमित पुरोहित ने केन्द्र में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों से अवगत करवाया। सांवर लाल यादव तथा डा. बी.एस.भाटी के नेतृत्व में स्प्रिंकलर व स्प्रिंकलर सिंचाई के प्रक्षेत्रो का भ्रमण किया गया।