जयपुर, २६ नवम्बर। अंतराष्ट्रीय व्यापार मेले में सोमवार को राजस्थान दिवस मनाया गया। व्यापार मेले में अंतिम चरण के बावजूद बडी संख्या में प्रगति मैदान पहुंचे लोगों का राजस्थान मण्डल में तहे दिल से स्वागत किया गया।
मण्डप निदेशक श्री रवि अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो दिनों के अवकाश में राजस्थान मण्डप में रिकार्ड संख्या में लोग पहुंचे। दर्शकों के उमडतें समूह को रोकने के लिए रविवार को कई बार मण्डप के मुख्य द्वार भी बंद करने पडे।
व्यापार मेला में राजस्थान मण्डल की अपनी कलात्मकता, साज सज्जा और भव्यता के कारण अलग ही छवि है। मेला की थीम के अनुरूप बनाये गये मण्डप में इस बार खेती बाडी की छाप है लेकिन मण्डप में राजस्थानी परम्परा के अनुरूप कला, संस्कृति और प्रगति की झलक दिखने के कारण मण्डप आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
मण्डप में सीतापुरा निर्यात संवर्द्धन पार्क, जयपुर में स्थित बायो टैक पार्क की एक इकाई द्वारा ‘ग्वारपाठा‘ के उत्पादों की प्रदर्शनी देखने योग्य है। इस स्टॉल पर केवल निर्यात के लिए बनाये गये हेल्थकेयर आइटम लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, जिनमें ३० प्लान, ४० प्लान और ५० प्लान केप्सुल, जोइंट केयर, स्लीप वेल, वजन कम करने केप्सूल प्रमुख हैं। साथ ही आफटर शेव, जेल, मच्छरों को भगाने के स्प्रे, जेल, सनबर्न जेल, रोजवाटर आदि का आकर्षण भी कम नहीं है। कम्पनी के प्रवक्ता श्री उपेन्द्र सिंह बताते है कि जयपुर के उत्पादों के निर्यात के लिए केलिफोर्निया के विट्रो नेचुरल्स के साथ अनुबंध किया गया है।
मण्डप में ‘कदम्ब‘ की लकडी से बनायी गयी सजावटी और कलात्मक वस्तुओं, मार्बल पर कलात्मक पेंटिंग और सोने के झोल से बनायी गयी कलाकृतियां देखने योग्य हैं।
इसके अलावा कमल मोरारका फाउण्डेशन के मदन गोस्वामी द्वारा संचालित डायमण्ड ट्रेंनिंग सेंटर और रत्नों को तराशने की कला का प्रदर्शन भी लाजबाव है।
मण्डप में राजस्थान के सिद्ध हस्त कलाकारों द्वारा बनाए गये कलात्मक कार्य की झांकी, विभागीय प्रदर्शनियों के साथ राजस्थानी व्यंजनों, बाजरा की खिचडी, कांजी बडा, जलेबी, राजस्थानी कुल्फी, चना मसाला के साथ ही दाल बाटी चूरमा व मेवाड जोधपुर की कचौरियों का स्वाद चखने वालों की भीड सदेव देखी जा सकती है।