अम्बाला, साहित्यकार, कहानीकार तथा लेखक पद्मभूषण स्वर्गीय कमलेश्वर जी की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें अम्बाला के साहित्यकारों व पत्रकारों द्वारा श्रद्घांजलि अर्पित की गई।
श्रद्घांजलि कार्यक्रम के आयोजक एवं हरियाणा साहित्य अकादमी (शासी परिषद) के सदस्य तनवीर जाफरी ने बताया कि स्वर्गीय कमलेश्वर जी की प्रथम पुण्यतिथि पर 27 जनवरी को अम्बाला शहर के भारत विकास परिषद भवन (निकट अग्रसेन चौक) में महान साहित्यकार कमलेश्वर को उनके शुभचिन्तकों, प्रशंसकों, पत्रकारों तथा साहित्यकारों द्वारा श्रद्घांजलि अर्पित किए जाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्घांजलि अर्पित करते हुए साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित वरिष्ठ कहानीकार डॉ यशपाल वैद ने उन्हें इस युग का एक महान साहित्यकार बताया। श्री वैद ने कमलेश्वर जी की एक प्रसिद्घ कहानी राजा निरबंसिया का एक प्रसंग भी पढकर सुनाया। एक अन्य प्रमुख साहित्यकार एवं कवि डॉ प्रदीप शर्मा स्नेही ने कमलेश्वर जी को अपने श्रद्घा सुमन अर्पित करते हुए अपनी काव्यांजलि पेश की। डॉ स्नेही ने कमलेश्वर जी को साहित्य जगत का एक ऐसा महान स्तम्भ बताया जिसकी क्षतिपूर्ति कर पाना सम्भव नहीं है।
इस अवसर पर प्रसिद्घ कवि नफस अम्बालवी तथा राम सहाय जोशी ने कमलेश्वर जी की स्मृति में अपनी रचनाएं पेश कीं। पत्रकार जसदीप बेदी ने भी उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्घांजलि अर्पित करते हुए कमलेश्वर जी के अक्तूबर 2000 में अम्बाला में आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन में आगमन का स्मरण किया।
कार्यक्रम आयोजक एवं स्तम्भकार तनवीर जाफरी ने कमलेश्वर जी को अपने श्रद्घासुमन अर्पित करते हुए कहा कि नवोदित लेखकों एवं पत्रकारों को भी कमलेश्वर जी का अनुसरण करना चाहिए। ऐसा करने से ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है तथा पत्रकारिता को समाज के समक्ष सच्चे रूप में पेश किया जा सकता है।
जिन अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्वर्गीय कमलेश्वर जी को उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर अपनी पुष्पांजलि अर्पित की, उनमें मुख्य रूप से समाजसेवी विष्णु तायल, लेखिका निर्मल रानी, डॉ वी के पाण्डे, डॉ कुलदीप सिंह, डॉ एस के खरबन्दा, सईद खान, विकेश सोबती, अनिल शर्मा, राजकमल सिंगला, मनमोहन सिंह, राजेश चोपडा, कपिल, समीर, गुरचरण, ओम प्रकाश ओमी आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।