गोधुली बेला में रविवार को होलिका दहन के लिए 12 मिनट का समय श्रेष्ठ रहेगा। भद्रा रहित फाल्गुन शुक्ल प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को गोधुली बेला में होलिका दहन शास्त्र सम्मत माना गया है। पंडितों कें अनुसार कल दोपहर बारह बजे तक भद्रा रहगी। इसलिए भद्रा रहित प्रदोष व्यापिनी पूणिमा को गोधुली बेला में सूर्यास्त के बाद के बारह मिनट का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इसके अनुसार बीकानेर में शाम 6:33 से 6:45 बजे तक जोधपुर में शाम 6:35 से 6:47 बजे तक, उदयपुर व जयपुर में शाम 6:23 से 6:35 बजे तक,और अजमेर व श्रीगंगानगर में शाम 6:29 से 6:41 बजे तक होलिका दहन किया जा सकता है।
होलिका दहन से पहले होली के गीत गाते हुए महिलाएं होली के डांडे की पूजा करेंगी। अगले दिन सोमवार को रंगों का त्योहार धुलंडी मनाया जाएगा। सोमवार को गणगौर पूजन की शुरुआत होगी। इसमें सुख समृद्धि की कामना के साथ कन्याएं और नवविवाहिताएं पार्वती का पूजन प्रारंभ करेंगी। गणगौर पूजन का समापन 18 मार्च को होगा। बीकानेर में शाम 6:33 से 6:45 बजे तक