किसान क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया को सरल बनाएः जिला कलेक्टर
हनुमानगढ , २७ जून । जिला कलेक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बैंकर्स को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका त्वरित लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलैक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय बैकर्स स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलेक्टर ने क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण की प्रक्रिया पर हुई चर्चा बैंकर्स से कहा कि २५ हजार रूपए तक के ऋणों का वितरण प्रार्थना पत्र प्राप्त होने के १४ दिनों की अवधि में करना सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र प्राप्त होने के बाद स्वीकृति से पूर्व के सर्वे को पूरा करने की अवधि निश्चित हो तथा इसके नाम पर अनावश्यक विलम्ब नही होना चाहिए। साथ ही सर्वे के बाद तुरंत ऋण वितरण की कार्यवाही कर जरूरतमंद काश्तकारों को राहत प्रदान की जाएं। सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद करीब ५० युवाओं को ऋण वितरित नही किए जाने का कारण पूछा तो बैंकर्स द्वारा इन युवाओं की ऋण लेने में अरूचि तथा कुछ अन्य कई कारण बताए गए। इस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि इतनी बडी संख्या में युवा प्रशिक्षण के बाद ऋण नही लेने का निर्णय कैसे कर सकते है। जिला कलेक्टर ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में वे तत्काल टिप्पणी अंकित करके जिला उद्योग केन्द्र को भिजवाएं। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक श्री पी.एन शर्मा ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत ६२३ आवेदन पत्र विभिन्न बैंकों को भिजवाएं जा चुके है। जिला कलेक्टर ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के समस्त लक्ष्यों का ३१ मार्च तक आवश्यक रूप से निस्तारण करने के लिए प्रत्येक तिमाही में २५ प्रतिशत लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिला परिषद से सम्बन्धित एसजीएसवाई, नगरपालिकाओ से सम्बन्धित स्वर्ण जयन्ती शहरी रोजगार योजना व अनुसूचित जाति जनजाति विकास निगम की योजनाओं से सम्बन्धित चर्चा की बारी आई तो इनसे सम्बंधित कोई भी अधिकारी बैठक में उपस्थित नही था। जिला परिषद की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, परियोजना प्रबन्धक या मुख्य लेखाधिकारी की बजाए मात्र एक लिपिक बैठक में उपस्थित था। इसी प्रकार स्वर्ण जयन्ती शहरी रोजगार योजना के नोडल अधिकारी तथा अजाजजा निगम के परियोजना प्रबन्धक भी बैठक से अनुपस्थित थे। अजाजजा निगम से भी मात्र एक लिपिक बैठक में उपस्थित था। अधिकारियों की गैर मौजूदगी को गम्भीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जाहिर की और लीड बैंक अधिकारी को सम्बन्धित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने तथा इस बारे में उनके उच्च अधिकारियों को लिखने के निर्देश दिए। बैठक में आर्टिजन क्रेडिट कार्ड, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड व खादी ग्रामोद्योग आयोग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर में खादी ग्रामोद्योग के सहायक निदेशक को जिले में गत वर्षो में स्वीकृत ऋणों द्वारा संचालित उद्योगों की तहसीलवार सूची भेजने के निर्देश दिए ताकि उनका सत्यापन करवाया जा सके। उन्होंने आगामी बैठक में खादी ग्रामोंद्योग आयोग के अधिकारियों को भी बुलाने के निर्देश दिए। लीड बैंक अधिकारी श्रीएस.एल.डोडा ने बैठक में अवगत कराया कि कई बैंकों द्वारा लीड बैंक रिपोर्ट समय पर प्रेषित नही की जा रही है। उन्होंने बैंकर्स को बकाया रिपोर्ट शीघ्र भेजने व आगे से समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आग्रह किया। बैठक में नाबार्ड के सहायक महाप्रबन्धक श्री दीपक मनचन्दा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि अन्य अधिकारी उपस्थित थे।