डूंगरपुर २७ जुलाई/ जिला कलेक्टर नीरज के पवन ने कहा है कि संपूर्ण जिला प्रशासन एक टीम है और प्रयास किया जाएगा की यह टीम जनसेवा के लिए पूरी तरह चुस्त और दुरस्त रहकर कार्य करेगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस टीम की मदद से जनहित से जुडे प्रत्येक मुद्दों को प्राथमिकता से निबटाया जाएगा।
वे गुरूवार देर रात जिला मुख्यालय से ८५ किमी दूर चीखली ग्राम म अपने नियमित कार्यक्रम ‘ रात्रि चौपाल‘ में बडी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का कार्य जनता की समस्या को जानकर उसका त्वरित निस्तारण करना है। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करता है कि सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जन तक पूरी तरह पहुंचे, और इसी काम के लिए प्रशासन टीम भावना से काम कर रहा है तथा यही कारण है कि वे अपनी रात्रि चौपाल के माध्यम से गांव गांव स्वयं जाकर आम जन से व्यक्तिशः संफ कर उनके समस्याओं को जानने का प्रयास कर रहे हैं।
चौपाल के दौरान जिला कलक्टर ने प्रत्येक विभाग के कार्यक्रम की समीक्षा की तथा जनता की समस्याओं को धैर्य से सुना और आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये।
चौपाल के आरंभ म कलेक्टर ने कृषि विभाग के प्रतिनिधि से क्षेत्र में बुवाई की स्थिति और लेम्पस के माध्यम से खाद की उपलब्धता के बारे में ग्रामीणों से पूछा। उन्होंने ग्रामीणों से यह भी पूछा कि क्षेत्र में अच्छे किस्म के बीज उपलब्ध हैं अथवा नहीं जिस पर ग्रामीणों ने संतोष जताया। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि से क्षेत्र में पशुओं की संख्यात्मक स्थिति और टीकाकरण की प्रगति के बारे में जानकारी ली। यहां उन्होंने स्वयं पशुपालकों को टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने पशुपालकों के हितार्थ सरकार की योजना कामधेनु योजना और गोपालक योजना की भी जानकारी दी और अधिकाधिक लोगों को इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिेये।
कलेक्टर ने चिकित्सा विभागीय समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्साधिकारी डॉ हरिचरण मीणा से संस्थागत प्रसव के बारे में जानकारी ली। जिस पर कलेक्टर को अवगत कराया गया कि पीएचसी चीखली में अब तक कुल ७९१ संस्थागत प्रसव कराए गये हैं जिनमें से ७३८ को जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान कर दिया गया है। कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव की इस संख्या पर हर्ष व्यक्त किया और चिकित्सक की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बडी संख्या में उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक होकर अपने आस पास इस संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें कि प्रसव अस्पताल में ही हो। उन्हने इस योजनान्तर्गत मिलने वाले लाभों से भी ग्रामीणों को अवगत कराया। कलेक्टर ने परिवार नियोजन की धीमी प्रगति पर रोष जताते हुए लोगों से अपील की कि परिवार नियोजन के लिए एक वातावरण तैयार करें। उन्हंने उपस्थित भीड में से सीमित परिवार वाले लोगों की प्रशंसा करते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
इस दौरान चिकित्साधिकारी के साथ ग्रामीणों ने भी अस्पताल में स्टाफ की व्यापक कमी की व्यथा सुनाई जिस पर कलेक्टर ने मौके पर ही सीएमएचओ से फोन पर बात कर वैकल्पिक स्टाफ की व्यवस्था करने और क्षेत्र में नियुक्त एएनएम की अन्यत्र प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के निर्देश दिये।
उन्होंने नसबंदी की धीमी प्रगति पर आशा सहयोगिनियों को आडे हाथों लिया और पाबन्द किया कि संस्थागत प्रसव और परिवार नियोजन को बढावा देने का महती दायित्व उनका है और वे इसका मुस्तैदी से पालन करें।
कलेक्टर ने पंचायत के अधीन कार्य करने वाली आंगनवाडी कार्यकर्ताओं की नियमितता और पोषाहार वितरण के सबंध में उपस्थित लोगों से जानकारी चाही। चौपाल के दौरान आई सी डी एस की उपनिदेशक उषा राव ने आंगनवाडी केन्द्रांे की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बालकों को आंगनवाडी से जोडने का आह्वान किया।
चौपाल में कलेक्टर ने महिला स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इन समूहों केा महिलाओं के आर्थिक उन्नयन का एक सशक्त माध्यम बताते हुए अधिकाधिक समूह गठित किये जाने पर बल दिया।
चौपाल के दौरान एक महिला सूर्या ने अपनी अबोध बालिका के साथ विधवा पेंशन स्वीकृत नहीं होने की गुहार जिला कलेक्टर के समक्ष की जिस पर कलेक्टर ने संबंधित सचिव बाबूलाल को तत्काल तलब करते हुए इसका कारण पूछा और तत्काल इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश विकास अधिकारी को प्रदान किये। इस बीच एक और महिला चंदा कुंवर द्वारा भी विधवा पेंशन का आवेदन करने के उपरांत भी पेंशन स्वीकृत नहंीं होने की जानकारी मिली जिस पर कलेक्टर ने सचिव के प्रति गहरी नाराजगी जताई। उन्हने ऐसे प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही की अपेक्षा लापरवाही को गंभीर मानते हुए सचिव को हटाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि ऐसे प्रकरणों को प्रकाश में लावें ताकि अधिकारी-कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता के साथ इसका निस्तारण करें।
कलेक्टर ने उपस्थित महिलाओं से कहा कि उनकी किसी भी प्रकार की समस्या चाहे वो महिला पर पारिवारिक अत्याचार हो अथवा अन्य किसी प्रकार का उत्पीडन वे इसकी जानकारी प्रशासन को देवें ताकि उनकी समस्या का निवारण किया जा सके। उन्हने कहा कि यदि कोई इस तरह की समस्या से ग्रसित है तो सीधे ही कलेक्टर के नाम पत्र लिखें।
कलेक्टर ने उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसीपल मणिलाल छगण से विद्यालय के परीक्षा परिणाम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रिंसीपल को निर्देशित किया कि पूरक योग्य विद्यार्थियों के लिए विद्यालय में ही अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएं। क्षेत्रीय वन अधिकारी डीके तिवारी द्वारा विद्यालय में वृक्षारोपण नहीं किये जाने की जानकारी दिए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए शीघ्र ही नर्सरी से पौधे प्राप्त कर पौधरोपण करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने पंचायत की समस्त शिक्षण संस्थाओं के अध्यापकों की नियमितता और कार्यशैली पर जनता से फीडबैक लिया। इस अवसर पर उन्होंने एक शिक्षक को सख्त हिदायत भी दी।
ग्रामीणों द्वारा विद्यालयों में विभिन्न स्तर के रिक्त पदों के साथ विद्यालय में विज्ञान वर्ग प्रारंभ करने हेतु पहल करने का निवेदन किये जाने पर कलेक्टर ने प्रधानाचार्य को इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त एक शिक्षिका द्वारा सडक निर्माण के कारण विद्यालय के शौचालय के प्रभावित होने की जानकारी दिये जाने पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अभियंता और नायाब तहसीलदार को इसके संबंध में विद्यालय हित में कार्यवाही करने निर्देशित किया।
रसद विभागीय समीक्षा के दौरान जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर ने विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाले गेहूं के मूल्य आदि के बारे में जानकारी ली जिसकी कलेक्टर ने उपस्थित लोगों से पूछ कर पुष्टि की। ग्रामीणों ने लेम्प्स व्यवस्था पर संतोष जताया।
ग्रामीणों द्वारा बिजली व्यवस्था के बारे में असंतोष जाहिर करने पर कलेक्टर ने विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रताप नायक से इस बाबत जानकारी ली। जिस पर कलेक्टर को अवगत कराया गया कि गांव में पूर्व में संयुक्त फीडर कार्यरत था जिसे बदल कर अब चीखली के लिये नया फीडर लगाया गया है।
उन्होंने ग्रामीणों की लाईनमेन के मुख्यावास पर नहीं रहने की शिकायत पर एक से अधिक गांवों का प्रभार होने की स्थिति पर कहा कि लाईनमेन कम से कम दो दिन चीखली गांव में रहना अवश्य सुनिश्चित कर। कलेक्टर ने गांव में कई स्थानों पर विद्युत चोरी की बात सामने आने पर इसे एक दुःखद स्थिति बताया और कहा कि इसके लिए हमें ही विद्युत चोरी नहीं करने का संकल्प लेना होगा।
गांव में स्वच्छता संबंधी कार्यक्रम के लिए नियुक्त स्वयंसेवी संस्था चेतना आरोग्य संस्थान की गतिविधियों के बारे में संस्था की प्रतिनिधि से जानकारी चाही। उन्हने संस्था द्वारा नियुक्त प्रेरकों की निष्क्रियता पर कडा रोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामीणों से खुले मे शौच की प्रवृत्ति का त्याग करने और शौचालयों के प्रयोग को बढावा देने का आह्वान किया। उन्होंने एक गा्रमीण की सार्वजनिक शौचालय पर अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सचिव को उसका सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी तिवारी से वन विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली और लोगों से अपील की कि अधिकाधिक संख्या में पौधे लगाकर वातावरण को हरा भरा बनाएं।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा विभिन्न शिकायतों के माध्यम से व्यक्तिगत, राजकीय और चारागाह की भूमि पर अतिक्रमण किये जाने संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किये जाने पर उन्होंने कडा रूख अपनाते हुए समस्त अवैधानिक कब्जों को तत्काल हटाने और पीडतों केा राहत प्रदान किये जाने हेतु तहसीलदार और नायाब तहसीलदार को निर्देशित किया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति पर वे तुरंत उप तहसील में संफ करें, उनकी समस्या का समाधान अवश्य किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ग्रामीणों द्वारा पर्याप्त बस सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों को होने वाली समस्या के बारे में बताए जाने पर कलेक्टर ने रोडवेज प्रबन्धन से बात कर इसके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया तथा ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अवध वाहनों में यात्रा न करें और न ही ओवरलोडेड वाहनों में बैठें।
चौपाल में उपखण्ड अधिकारी अत्तरसिंह मेवला, ईजीएस कार्यक्रम अधिकारी सी डी चारण, तहसीलदार वीडी पण्डोर, विकास अधिकारी जेएल पटेल, जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर, नायाब तहसीलदार धीरेन्द्र व्यास, डीडी आईसीडीएस उषा राव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। क्या बनोगे बडे होकर... कलेक्टर ने चौपल के दौरान वहां खडे स्कूली छात्रों से भी संवाद किया। उन्होंने एक विद्यार्थी बालकृष्ण पंचाल से उसकी अध्ययन संबंधी प्रगति के बारे म जानकारी चाही और पूछा कि बडे होकर क्या बनोगे जिस पर छात्र ने तत्काल उत्तर दिया कि ‘टीचर ‘ जिस पर कलेक्टर ने प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि खूब पढो और टीचर ही नहीं कलेक्टर बनने के ख्वाब भी रखो। इसी तरह एक विद्यार्थी दीपक से भी उसके परीक्षा में लक्ष्य के बारे में जानकारी ली और कडे परिश्रम हेतु प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मौजूद छायाकारों से फोटो भी खिचवायें और कहा कि इसकी प्रति वे अपने एलबम में रखेंगे। ७ दिनों में सहयोगिनी का भुगतान के निर्देश चौपाल में आशा सहयोगिनियों से संवाद दौरान एक सहयोगिनी ने जानकारी दी कि उसे अप्रेल माह से भुगतान नहीं किया गया है। इस पर कलेक्टर ने डीडी आईसीडीएस तथा चिकित्साधिकारी से जानकारी ली। उन्हें अवगत कराया गया कि चिकित्सा विभागीय शिथिलता के कारण भुगतान अटका हुआ है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और चिकित्साधिकारी को पाबन्द किया कि वे उच्चाधिकारियों से बात कर सात दिनों के भीतर इसका भुगतान सुनिश्चित करते हुए रिपोर्ट करे।