बीकानेर,27 जुलाई। आबकारी एवं पर्यटन मंत्री देवी सिंह भाटी ने कहा है कि कई वर्षों बाद ईश्वर स्वयं किसी एक आत्मा को धरती पर उतारता है जो पूरे देश और समाज को एक नई दिशा देता है। डा.भीमराव अम्बेडकर भी एक ऐसी भगवान की भेजी आत्मा थी,जिसने इस देश को एक नई दिशा और सोच दी। समाज में अलग-थलग पडे लोगों को सम्मान के साथ रहने और मुख्यधारा से जोडने का वैचारिक कार्य किया। भाटी रविवार को जिले के नोखा मुख्यालय पर डा.भीमराव अम्बेडकर की मूर्ती अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के नीजि स्वार्थे के चलते आदमी को आदमी से अलग करने का असफल प्रयास किया। समय आ गया है कि हम सब को समाज की इस खाई को पाटे। इंसान-इंसान में भेद न कर देश को विकास की नई मंजिल तक ले जाना होगा। एक दूसरे को जोडना होगा। छुआ-छूत की धारणा में बदलाव की कोशिश करके देखें,संसार सुखमय हो जायेगा। उन्होंने कहा कि समता,स्वतंत्रता एवं बन्धुत्व पर आधारित जीवन का नाम ही लोकतंत्र है। सभी मनुष्य एक समान है। अतः एक मानव को दूसरे मानव में भेद नहीं करना चाहिए।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि समाज में समरसता रहे,एक-दूसरे में प्रेम रहे इसके लिए डा.अम्बेडकर,शिवाजी,मौलाना अब्दुल कलाम आजाद,चन्द्रशेखर,महाराणा प्रताप जैसे लोगों ने एक दूसरे को गले लगाने और प्यार देने का संदेश अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले चार वर्षो में शिक्षा में जितना कार्य हुआ है,उतना पिछले 50 वर्षो में नहीं हुआ। हर ढाणी में पांचवीं तक की स्कूल खोली गई । सरकार शीघ्र ही एक कार्य योजना के तहत दस घरों की ढाणी में पांचवी तक की स्कूल खोलेगी। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने बच्चों को शिक्षित नही करेंगे,वे पिछड जायेगे। आने वाली पीढी को पढाई के द्वारा ही मजबूती प्रदान की जा सकती है।
भाटी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूर दृष्टि व योजनाबद्ध तरीके से किये कार्यो का परिणाम है कि आज सभी गांव सडकों से जुड गये है। उन्होंने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ने सभी तहसील मुख्यालयों में जाकर लोगों से उस क्षेत्र की समस्याओं को सुना और उसका समाधान किया है। उन्होंने कहा कि डा.अम्बेडकर ने गरीब और पिछडे वर्ग को आगे बढाने में महती भूमिका निभाई । बाबा साहब ने देश में सर्वागीण क्रान्ति की शुरूआत करते हुए दलितो,पिछडा,श्रमिको तथा नारी जाति को समान अधिकार दिलाने की आवाज बुलन्द की ।
संसदीय सचिव गोविन्द मेघवाल ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि डा.अम्बेडकर मूर्ती का अनावरण होना एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने डा.अम्बेडकर जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब का जन्म ऐेसे समय हुआ जब विदेशी दासता की बेडया हमारे देश को जकडे थी। कुरीतियां समाज के प्रभामण्डल को क्षीण कर रही थी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मानना था जैसे ऊंची-नीची जमीन से अच्छी पैदावार की आशा नहीं की जा सकती,उसी प्रकार समाज में ऊंच-नींच की भावना के रहते,राष्ट्र की प्रगति नहीं हो सकती। डा.अम्बेडकर ने कहा कि छूआ-छूत समाप्त करना मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।
संसदीय सचिव ने कहा कि जात-पात के रहते न समाज संगठित हो सकता और न उसमें राष्ट्रीय भावना जागृत हो सकती है। उन्होंने युवाओं को कहा कि एक तो वे शिक्षा और बुद्धि से किसी से कम न रहे,दूसरे ऐशो-आराम में न पडकर समाज का नेतृत्व करें। तीसरे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी संभाले तथा समाज को जागृत और संगठित कर उसकी सेवा करें। ज्ञान ही आदमी के जीवन की आधार शिला है। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने दलित समाज के उत्थान के लिए जयपुर में 100 बीघा जमीन डा.अम्बेडकर पीठ के लिए प्रदान की है।
इस अवसर पर नोखा नगर पालिका अध्यक्ष कन्हैया लाल झंवर ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में सीवरेज,ड्रनेज और सडकों का डामरीकरण कार्य करवाया गया है। टुटी सडकों की मरम्मत हुई है और कच्ची बस्तियों के विकास को पचास प्रतिशत कवर किया गया है। एक किलोमीटर सी.सी.रोड स्वीकृत हुई और इस पर 60 लाख रूपये खर्च होंगे। डा.इन्द्र सिंह,डा.बी.एल.जाटव,मोडाराम,भंवर नैण,राम स्वरूप विशनोई,नरेन्द्र चौहान,प्रेम सिंह भाटी ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर नोखा कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष श्रीराम तर्ड भी उपस्थित थे।
इससे पूर्व आबकारी मंत्री भाटी एवं संसदीय सचिव ने नोखा तहसील रोड पर डा.अम्बेडकर की मूर्ती का अनावरण किया। समारोह का संचालन मांगी राम डूडी ने किया।