बीकानेर। गीता प्रतियोगिता आयोजन समिति, मानव प्रबोधन प्रन्यास, शिव मठ, शिवबाडी के संवित् सोमगिरीजी महाराज के संरक्षण में प्रथम चरण की प्रतियोगिता 17 सितम्बर को आयोजित होगी। जिसके लिए प्रतियोगिता स्थल जिस शाला में 25 से अधिक प्रतिभागी होंगे तो वह स्कूल अन्यथा निकट की शाला रहेगी। जिसमें शिशु वर्ग कक्षा-३ के लिए गीता का प्रथम अध्याय, कक्षा-4 व 5 के लिए 1 से 3 अध्याय, कनिष्ठ वर्ग के लिए कक्षा 6 से 8 के लिए 1 से 9 अध्याय, उप वरिष्ठ वर्ग कक्षा 9 व 10 के लिए 1 से 18 अध्याय, वरिष्ठ वर्ग कक्षा 11 व 12 के लिए 1 से 18 अध्याय होंगे तथा द्वितीय चरण की लिखित प्रतियोगिता 25 अक्टूबर 09 को होगी जिसके लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में एक हजार रूपये द्वितीय पुरस्कार साढे सात सौ तथा तृतीय पांच सौ रूपये तथा पांच प्रोत्साहन पुरस्कार जिनके लिए दो सौ रूपये प्रदान किये जाएंगे। गीता श्लोक व गायन प्रतियोगिता 8 नवम्बर 2009 लालेश्वर महादेव मंदिर शिवबाडी बीकानेर में होगी जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर 2009 होगी। यह प्रतियोगिता लालेश्वर महादेव मंदिर शिवबाडी में होगी। चल वैजयंती लिखित प्रतियोगिता में शिशु व कनिष्ठ वर्ग में जिस विद्यालय के 6 विद्यार्थी तथा उप वरिष्ठ वर्ग में 4 विद्यार्थी के अंकों का योग सर्वाधिक होगा उस विद्यालय को वरिष्ठ वर्ग में महाराजा डॉ. करणीसिंह स्मृति, उप वरिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग श्री भानुप्रकाश शर्मा स्मृति, कनिष्ठ वर्ग डा. सतीश चन्द्र भार्गव स्मृति तथा शिशु वर्ग डा. डी.के.गहलोत स्मृति चल वैजयंती प्रतियोगिता प्रदान की जायेगी। इसके लिए शिशु वर्ग कक्षा 3 से 5 के लिए 15वां अध्याय कंठस्थ कर सस्वर सुनाना, कनिष्ठ वर्ग कक्षा 6 से 8 के लिए तीसरा अध्याय, उप वरिष्ठ वर्ग व वरिष्ठ वर्ग कक्षा 9 से 12 के लिए गीता का द्वितीय अध्याय कंठस्थ कर सस्वर सुनाना साथ ही पूरा अध्याय कंठस्थ कर शुद्ध उच्चारण व लय के साथ सुनाने तथा याद न होने पर भी सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र के साथ दो सौ रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। अध्याय सुनाने पर या याद न होने पर सभी को स्मृति चिन्ह प्रदान किया जायेगा। साथ ही वरिष्ठ वर्ग के लिए शांतिलाल बोहरा, उप वरिष्ठ वर्ग के लिए श्रीमती सीतादेवी सारस्वत, कनिष्ठ वर्ग के लिए आशुकरण गोस्वामी चल वैजयंती, शिशु वर्ग के लिए ब्रहमलीन श्री बृजबिहारी लाल व श्रीमती राजरानी सक्सेना स्मृति चल वैजयंती उसी विद्यालय को दी जायेगी जिसके सर्वाधिक विद्यार्थी पुरस्कृत होंगे। साथ ही समिति द्वारा कॉलेज के विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में गीता विषय पर निबंध व भाषण प्रतियोगिता अखिल राज्य स्तर पर भी आयोजित की जाती है। सोमगिरीजी ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान भगवद् गीता ही है उसे अपने जीवन में ग्रहण करे। उन्होंने जानकारी दी कि गीता प्रतियोगिता वर्ष 1995 से प्रारंभ हुई थी और इस वर्ष हमारा लक्ष्य 75 हजार से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गीता को अपने जीवन में उतार सकें। इस प्रतियोगिता की विशेषता यह रहेगी कि प्रतिभागी अगर कोई अध्याय को भूल रहा है तो वह गीता में से देख कर लिख सकता है।