जयपुर। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री ललित कोठारी ने कहा है कि राज्य सरकार रेजिडेन्ट डॉक्टर्स की मांग पर सहानभूतिपूर्वक विचार कर रही है और शीघ्र ही समाधान करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने रेजिडेन्ट डॉक्टर्स से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अपने आन्दोलन को स्थगित कर कार्य पर लौट आये। श्री कोठारी ने बताया कि जयपुर एसोशिएन ऑफ रेजिडेन्ट डॉक्टर्स ने 21 जुलाई को ज्ञापन प्रस्तुत कर स्टाईफण्ड बढाने के मांग की थी। ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में रेजिडेन्ट डॉक्टर्स का स्टाईफण्ड 19 हजार 500 से 27 हजार 500 रुपये के मध्य है जबकि अन्य राज्यों में यह राशि अधिक है। श्री कोठारी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया था कि राज्य सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक रूख रखते हुए 7 अगस्त तक निर्णय लेगी। इस आश्वासन के बाद भी रेजिडेन्ट्स डाक्टर्स 25 जुलाई की सायं से सामूहिक अवकाश पर चले गये। अतः रेजिडेन्ट्स डॉक्टर्स का यह व्यवहार राज्य एवं मरीजों के हित में नहीं कहा जा सकता और यह राज्य सरकार पर अनुचित दबाव डालने का प्रयास है। श्री कोठारी ने बताया कि गत वर्ष सरकार ने 23 सितम्बर, 2008 को उनके स्टाईफण्ड में वृद्घि की थी। कोठारी ने बताया कि रेजिडेन्ट डॉक्टर्स के सामूहिक रूप से अवकाश पर चले जाने पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए जिला चिकित्सालयों एवं अन्य चिकित्सा संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है।